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वाराणसी में धूमधाम से मनाई गई भगवान झूलेलाल जयंती, भव्य शोभायात्रा में उमड़ा सिन्धी समाज | AARCC LIVE NEWS VARANASI

 


रिपोर्ट /आलोक चतुर्वेदी

वाराणसी। सिन्धी समाज के इष्टदेव भगवान झूलेलाल की जयंती चेट्रीचंड के अवसर पर शुक्रवार को झूलेलाल मंदिर में भव्य कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। पूज्य सिन्धी सेंट्रल पंचायत वाराणसी और झूलेलाल मेला कमेटी के तत्वावधान में आयोजित इस उत्सव में सिन्धी समाज के लोगों ने बड़ी संख्या में भाग लेकर अपने इष्टदेव की आराधना की।

कार्यक्रम की शुरुआत सुबह प्रभात फेरी के स्वागत और अल्पाहार से हुई। इसके बाद सामूहिक जनेऊ संस्कार का आयोजन किया गया, जिसमें मुख्य अतिथि अम्बरीश सिंह भोला (मानद सदस्य, वाराणसी विकास प्राधिकरण व मण्डल प्रभारी हिन्दू युवा वाहिनी) तथा विशिष्ट अतिथि अजय सिंह उपस्थित रहे। इस दौरान समाज के गणमान्य लोग एवं बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे।

दोपहर में आयोजित आम भंडारे में सैकड़ों श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया। सायंकाल मंदिर परिसर में भगवान झूलेलाल की आरती की गई, जिसके बाद भव्य महाआरती का आयोजन हुआ।

रात्रि में लक्सा स्थित झूलेलाल मंदिर से भव्य शोभायात्रा निकाली गई। यह शोभायात्रा लक्सा से निकलकर गिरजाघर चौराहा तक गई और पुनः वापस मंदिर परिसर पहुंचकर संपन्न हुई। शोभायात्रा में विभिन्न वार्डों की आकर्षक झांकियां, लाल सांई का बहराणा, छेज नृत्य तथा सिन्धी शहनाई के साथ बैंड-बाजे शामिल रहे। श्रद्धालु भक्ति गीतों के साथ पूरे मार्ग में झूमते नजर आए।

कार्यक्रम में प्रमुख रूप से सर्वश्री एस. कुमार सुखवानी, संदीप सुखवानी, अशोक सुखवानी, लीलाराम सचदेवा, हासानंद बदलानी, मोतीलाल खट्टर, त्रिलोकी रुपानी, परमानंद रुपानी, नामदेव छातानी, भरत बदलानी, हेमंत केसवानी, अशोक खट्टर, किशोर तोलानी, नवीन रूपानी, नीरज बदलानी, कुमार सचदेवा, रवि सेहता, बालचंद खत्री, व्यापारीमल नैनवानी सहित अनेक गणमान्य लोग उपस्थित रहे।

इसके अलावा हिन्दू युवा वाहिनी के मंडल अध्यक्ष अमन अग्रहरि, श्याम जी, सुरेश चौरसिया, योगेश विश्वकर्मा, योगी अर्जुननाथ, सतीश छाबड़ा समेत सैकड़ों महिलाओं व कार्यकर्ताओं ने भी शोभायात्रा में भाग लिया। सभी ने एकजुट होकर महानगर अध्यक्ष अजय सिंह का स्वागत किया और संगठन को मजबूत बनाने का संकल्प लिया।

पूरे कार्यक्रम में सिन्धी समाज के लोगों ने उत्साहपूर्वक भाग लेकर अपनी संस्कृति और परंपरा की गरिमा को बनाए रखने का संदेश दिया।







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