काशी में 'गो सम्मान आह्वान अभियान' के दूसरे चरण की रणनीति तय, 27 जुलाई को देशभर में मनाया जाएगा 'गो सम्मान दिवस' | AARCC LIVE NEWS VARANASI
रिपोर्ट/आलोक चतुर्वेदी/सचिन देव
वाराणसी। गौमाता की सेवा, सुरक्षा एवं सम्मान के उद्देश्य से देशव्यापी 'गो सम्मान आह्वान अभियान' के दूसरे चरण की तैयारियों को लेकर बुधवार को कमच्छा स्थित बोधगया मठ (आदि शंकराचार्य मठ) में पूर्वांचल के गौभक्तों की एक दिवसीय संगोष्ठी आयोजित की गई। बैठक में 27 जुलाई 2026 को पूरे देश में 'गो सम्मान दिवस' मनाने तथा 15 करोड़ हस्ताक्षर अभियान को सफल बनाने की रणनीति तैयार की गई।
संगोष्ठी में मध्यप्रदेश के सालरिया से पधारे ग्वाल संत श्री गोपालानन्द जी महाराज, वृंदावन धाम से श्री गोपेश कृष्ण दास जी महाराज तथा उत्तर प्रदेश के राज्य प्रभारी एवं श्री माताजी गौशाला, बरसाना के प्रबंधक श्री ब्रजदास जी महाराज ने गौभक्तों को मार्गदर्शन प्रदान किया। संतों ने गौसेवा को भारतीय संस्कृति और सनातन परंपरा का मूल आधार बताते हुए समाज से व्यापक जनजागरण का आह्वान किया।
वक्ताओं ने कहा कि अभियान के प्रथम चरण में 27 अप्रैल को देशभर की हजारों तहसीलों में करोड़ों हस्ताक्षरों के साथ ज्ञापन सौंपे गए थे। अब दूसरे चरण में 15 करोड़ हस्ताक्षर जुटाने का लक्ष्य रखा गया है। इसके तहत 27 जुलाई को देश के सभी जिला मुख्यालयों पर जिलाधिकारियों के माध्यम से राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, राज्यपाल एवं मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपे जाएंगे।
बैठक में बताया गया कि अभियान का उद्देश्य गौमाता की सेवा, सुरक्षा और सम्मान सुनिश्चित कराने के लिए समाज के सभी वर्गों को एक मंच पर लाना है। अभियान से जुड़ने के लिए 9067777323 पर मिस्ड कॉल देने की सुविधा भी उपलब्ध कराई गई है। आयोजकों ने अधिक से अधिक लोगों से हस्ताक्षर अभियान में भाग लेने और 27 जुलाई को अपने-अपने जिलों में आयोजित कार्यक्रमों में शामिल होने की अपील की।
संतों ने विश्वास व्यक्त किया कि यदि एक ही दिन पूरे देश में शांतिपूर्ण एवं संगठित रूप से गौ संरक्षण की मांग उठेगी तो सरकार इस विषय पर प्रभावी निर्णय लेने के लिए सकारात्मक पहल करेगी। उनका कहना था कि गौसेवा के व्यापक विस्तार से न केवल भारतीय संस्कृति सुदृढ़ होगी, बल्कि पर्यावरण संरक्षण, प्राकृतिक संतुलन और सामाजिक संस्कारों को भी नई दिशा मिलेगी।











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