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कबीर के समता और मानवता के संदेश की आज भी प्रासंगिकता: प्रो. एम.पी. अहिरवार | AARCC LIVE NEWS VARANASI

  कबीर के समता और मानवता के संदेश की आज भी प्रासंगिकता: प्रो. एम.पी. अहिरवार  रिपोर्ट:-आलोक चतुर्वेदी  वाराणसी। नान्दी सेवा न्यास द्वारा आयोजित दो दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी के दूसरे एवं अंतिम दिन सोमवार को विभिन्न तकनीकी सत्रों और समापन समारोह का आयोजन किया गया। संगोष्ठी में देशभर से आए शोधार्थियों एवं शिक्षाविदों ने कबीर के दर्शन, सामाजिक चिंतन और समकालीन प्रासंगिकता पर अपने विचार प्रस्तुत किए। प्रातः आयोजित द्वितीय तकनीकी सत्र में 17 शोधार्थियों ने अपने शोधपत्र प्रस्तुत किए। इसके उपरांत तीसरे तकनीकी सत्र की अध्यक्षता प्रो. इंद्रवीर सिंह ने की, जबकि उपाध्यक्ष के रूप में डॉ. मिथिलेश कुमार एवं डॉ. रविंद्र कुमार गौतम उपस्थित रहे। सत्र का संचालन डॉ. अंशुमान सिंह ने किया। इस दौरान 25 से अधिक शोधपत्रों का प्रस्तुतीकरण हुआ।                 [ वीडियो देखें ] समापन समारोह का शुभारंभ संत कबीर, महात्मा गांधी, डॉ. भगवान दास एवं शिव प्रसाद गुप्त के चित्रों पर माल्यार्पण के साथ हुआ। मुख्य वक्ता प्रो. विपिन कुमार (हिंदी विभाग, बीएचयू) ने कहा कि आ...

राम जन्मभूमि मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा में आध्यात्मिक अनियमितताओं की जांच की मांग, पांच धार्मिक पदाधिकारियों को बताया जिम्मेदार | AARCC LIVE NEWS VARANASI

  रिपोर्ट:- आलोक चतुर्वेदी  वाराणसी। डॉ. सुनील ने रविवार को आयोजित एक प्रेसवार्ता में श्रीराम जन्मभूमि मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा से जुड़े कथित आध्यात्मिक अनियमितताओं के संबंध में विस्तृत जानकारी साझा की। उन्होंने कहा कि यह विषय आर्थिक या प्रशासनिक नहीं, बल्कि आध्यात्मिक दृष्टि से अत्यंत गंभीर है और इसकी निष्पक्ष जांच कर जिम्मेदार व्यक्तियों की जवाबदेही तय की जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा एवं पूजन पद्धति में हुई कथित आध्यात्मिक त्रुटियों के कारण समाज और श्रद्धालुओं पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है। उनके अनुसार यह विषय धन या प्रशासनिक अनियमितता नहीं, बल्कि "मन और आध्यात्मिक दिशा" से जुड़ा गंभीर विषय है। प्रेसवार्ता में बताया गया कि भारतीय आध्यात्मिक परंपरा के अनुसार व्यक्ति के तन, मन और आत्मा में मन की भूमिका सर्वोपरि होती है। यदि धार्मिक संस्कार एवं अनुष्ठान दोषपूर्ण तरीके से संपन्न हों तो उसका प्रभाव व्यक्ति और समाज दोनों पर पड़ सकता है। इसमें आरोप लगाया गया कि प्राण प्रतिष्ठा के दौरान कथित रूप से राहु, केतु तथा शुक्राचार्य स...

भीषण गर्मी में राहगीरों के लिए GNRF की पहल, सरैया पुराना पुल पर लगाया मुफ्त ठंडे पानी का स्टॉल AARCC LIVE NEWS VARANASI

रिपोर्ट:-आलोक चतुर्वेदी  वाराणसी। भीषण गर्मी और लगातार बढ़ते तापमान के बीच जनसेवा की मिसाल पेश करते हुए दावत-ए-इस्लामी हिंद के वेलफेयर विभाग गरीब नवाज़ रिलीफ फाउंडेशन (GNRF) ने सरैया पुराना पुल क्षेत्र में राहगीरों, मजदूरों और यात्रियों के लिए मुफ्त ठंडे एवं स्वच्छ पेयजल स्टॉल (सबील) की शुरुआत की है। इस पहल का उद्देश्य गर्मी से राहत पहुंचाने के साथ-साथ लोगों को शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराना है। स्टॉल का उद्घाटन सरैया पुलिस चौकी प्रभारी सत्यदेव ने किया। उन्होंने फाउंडेशन की इस जनहितकारी पहल की सराहना करते हुए कहा कि भीषण गर्मी के दौरान इस प्रकार की सेवाएं समाज के लिए प्रेरणादायक हैं और जरूरतमंद लोगों को बड़ी राहत प्रदान करती हैं।               [ वीडियो देखें ] फाउंडेशन के पदाधिकारियों ने बताया कि स्टॉल पर पूरी तरह फिल्टर्ड एवं स्वच्छ ठंडे पानी की व्यवस्था की गई है। सुबह से शाम तक संस्था के स्वयंसेवक (वॉलंटियर्स) लगातार मौजूद रहकर राहगीरों और स्थानीय लोगों को पानी पिलाने का कार्य कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि गरीब नवाज़ रिलीफ फाउंडेशन देशभर में जरूरतमंद लो...

Varanasi News: लहरतारा धाम में सद्गुरु कबीर साहेब के 628वें प्राकट्य महोत्सव का भव्य शुभारंभ | Kabir Jayanti 2026 | AARCC LIVE NEWS VARANASI

लहरतारा धाम में सद्गुरु कबीर साहेब के 628वें प्राकट्य महोत्सव का शुभारंभ, तीन दिवसीय सत्संग एवं भंडारे का आयोजन  रिपोर्ट/आलोक चतुर्वेदी  वाराणसी। सद्गुरु कबीर प्राकट्यधाम लहरतारा तालाब एवं स्मारक विकास समिति के तत्वावधान में सद्गुरु कबीर साहेब के 628वें प्राकट्य महोत्सव के अवसर पर तीन दिवसीय महोत्सव एवं सत्संग का भव्य शुभारंभ हुआ। महोत्सव के प्रथम दिन सर्वप्रथम सद्गुरु कबीर साहेब के मुख्य मंत्र "सत्यनाम" से अंकित ध्वज का ध्वजारोहण किया गया। इसके बाद सद्गुरु कबीर साहेब की प्रतिमा पर पुष्प, माल्यार्पण एवं चादर अर्पित कर आरती-पूजन किया गया। यह आयोजन नादवंशाचार्य पंथश्री हजूर अर्धनाम साहेब के पावन सान्निध्य में संपन्न हुआ। कार्यक्रम का शुभारंभ संत श्री अनुपम साहेब के स्वागत भजन से हुआ। इसके बाद कबीर साहेब के प्राकट्य प्रसंग पर आधारित भजनों एवं सत्संग ने श्रद्धालुओं को भावविभोर कर दिया। छत्तीसगढ़ के नवागांव धमतरी से पधारे महंत श्री राधेश्याम शास्त्री साहेब ने कबीर भजन प्रस्तुत कर श्रद्धालुओं को मंत्रमुग्ध किया। पटना (बिहार) से आए महंत श्री मनभंग दास शास्त्री साहेब ने अपने...

संतों को विदेशों में भी करना चाहिए सनातन धर्म का प्रचार : योगी रामानंद दास महाराज | AARCC LIVE NEWS VARANASI

   रिपोर्ट:-आलोक चतुर्वेदी   चौबेपुर/वाराणसी। धौरहरा हरिहरपुर गांव में आयोजित श्री शतचंडी महायज्ञ के तीसरे दिन शुक्रवार को श्रद्धालुओं ने वैदिक मंत्रोच्चार के बीच यज्ञशाला में आहुतियां अर्पित कर विश्व कल्याण की कामना की। महायज्ञ परिसर में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं की उपस्थिति रही।                     [वीडियो देखें] इस अवसर पर श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए योगी रामानंद दास महाराज ने कहा कि प्राचीन काल में भारत के साधु-संतों और ऋषि-मुनियों ने सनातन संस्कृति के प्रचार-प्रसार के लिए विश्व के विभिन्न देशों का भ्रमण किया था। उन्होंने कहा कि अगस्त्य ऋषि ने ऑस्ट्रेलिया तथा कंबू ऋषि ने कंबोडिया में धर्म का प्रचार किया। वहीं, भगवान श्रीकृष्ण के पुत्र सांब ने भी सीरिया सहित अनेक क्षेत्रों में सनातन संस्कृति का संदेश पहुंचाया था। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में भी संतों को देश के साथ-साथ विदेशों में जाकर सनातन धर्म और भारतीय संस्कृति का व्यापक प्रचार-प्रसार करना चाहिए। उन्होंने चिंता जताते हुए कहा कि समय के साथ सनातन समाज में...

बड़े ही हर्षोल्लास से मनाया गया सातवें तीर्थंकर भगवान सूपार्श्वनाथ का जन्मोत्सव | AARCC LIVE NEWS VARANASI

  चांदी के रथ पर निकली भव्य शोभायात्रा, 108 रजत कलशों से हुआ अभिषेक, विश्व शांति की कामना     रिपोर्ट:-आलोक चतुर्वेदी   वाराणसी। जैन धर्म के सातवें तीर्थंकर भगवान सूपार्श्वनाथ का जन्मोत्सव काशी में श्रद्धा, भक्ति और उल्लास के साथ मनाया गया। इस अवसर पर जैन समाज की ओर से भगवान सूपार्श्वनाथ की भव्य शोभायात्रा निकाली गई, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लिया। पारंपरिक वेशभूषा, भक्ति संगीत, जयघोष और पुष्पवर्षा के बीच निकली शोभायात्रा ने पूरे मार्ग को भक्तिमय वातावरण में बदल दिया। शोभायात्रा की शुरुआत भेलूपुर स्थित 23वें तीर्थंकर भगवान पार्श्वनाथ की जन्मस्थली से हुई। चांदी के आकर्षक रथ पर भगवान सूपार्श्वनाथ की मनोहारी प्रतिमा विराजमान थी। मार्ग में श्रद्धालु भगवान के दर्शन कर नतमस्तक हुए और जगह-जगह रथ पर पुष्पवर्षा कर स्वागत किया। शोभायात्रा विजया सिनेमा, रविंद्रपुरी और शिवाला होते हुए भदैनी स्थित भगवान सूपार्श्वनाथ की जन्मस्थली पहुंची, जहां इसका समापन हुआ। शोभायात्रा में केसरिया परिधान में महिलाएं तथा सफेद वस्त्रों में पुरुष, युवा और बच्चे भक्ति गीत गाते हु...