Varanasi News: लहरतारा धाम में सद्गुरु कबीर साहेब के 628वें प्राकट्य महोत्सव का भव्य शुभारंभ | Kabir Jayanti 2026 | AARCC LIVE NEWS VARANASI
लहरतारा धाम में सद्गुरु कबीर साहेब के 628वें प्राकट्य महोत्सव का शुभारंभ, तीन दिवसीय सत्संग एवं भंडारे का आयोजन
रिपोर्ट/आलोक चतुर्वेदी
वाराणसी। सद्गुरु कबीर प्राकट्यधाम लहरतारा तालाब एवं स्मारक विकास समिति के तत्वावधान में सद्गुरु कबीर साहेब के 628वें प्राकट्य महोत्सव के अवसर पर तीन दिवसीय महोत्सव एवं सत्संग का भव्य शुभारंभ हुआ। महोत्सव के प्रथम दिन सर्वप्रथम सद्गुरु कबीर साहेब के मुख्य मंत्र "सत्यनाम" से अंकित ध्वज का ध्वजारोहण किया गया। इसके बाद सद्गुरु कबीर साहेब की प्रतिमा पर पुष्प, माल्यार्पण एवं चादर अर्पित कर आरती-पूजन किया गया।
यह आयोजन नादवंशाचार्य पंथश्री हजूर अर्धनाम साहेब के पावन सान्निध्य में संपन्न हुआ। कार्यक्रम का शुभारंभ संत श्री अनुपम साहेब के स्वागत भजन से हुआ। इसके बाद कबीर साहेब के प्राकट्य प्रसंग पर आधारित भजनों एवं सत्संग ने श्रद्धालुओं को भावविभोर कर दिया।
छत्तीसगढ़ के नवागांव धमतरी से पधारे महंत श्री राधेश्याम शास्त्री साहेब ने कबीर भजन प्रस्तुत कर श्रद्धालुओं को मंत्रमुग्ध किया। पटना (बिहार) से आए महंत श्री मनभंग दास शास्त्री साहेब ने अपने प्रवचन में कहा कि सद्गुरु कबीर साहेब ने सत्य, अहिंसा, प्रेम, विश्वबंधुत्व एवं समता का अमर संदेश दिया। उन्होंने पंथश्री हजूर उदितनाम साहेब द्वारा लहरतारा धाम में सत्यनाम के प्रचार-प्रसार के योगदान को भी स्मरण किया।
भागलपुर (बिहार) से आए महंत श्री सुनील दास शास्त्री साहेब ने सद्गुरु कबीर साहेब के दिव्य प्राकट्य का वर्णन करते हुए कहा कि वे ज्येष्ठ पूर्णिमा के दिन लहरतारा तालाब में कमल पुष्प पर दिव्य ज्योति के रूप में प्रकट हुए थे। धर्माधिकारी सुधाकर दास शास्त्री साहेब ने अपने प्रवचन में कहा कि सद्गुरु कबीर साहेब का सिद्धांत मानव जीवन में व्यवहार और परमार्थ दोनों को श्रेष्ठ बनाने की प्रेरणा देता है।
पीठाधीश्वर नादवंशाचार्य पंथश्री हजूर अर्धनाम साहेब ने अपने आशीर्वचन में सहज भक्ति, सत्य और आत्मज्ञान के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि सद्गुरु कबीर साहेब का ज्ञान मानव को भय, अज्ञान और मोह से मुक्त कर जीवन का वास्तविक मार्ग दिखाता है।
पूरे परिसर में कबीर साहेब की वाणी, साखी, शब्द और भजनों की गूंज रही। खंजरी पर प्रस्तुत भजनों ने श्रद्धालुओं को भक्ति रस में सराबोर कर दिया। देश के विभिन्न राज्यों—बिहार, पश्चिम बंगाल, ओडिशा, उत्तर प्रदेश, गुजरात, दिल्ली, हरियाणा, पंजाब, राजस्थान और हिमाचल प्रदेश से बड़ी संख्या में संत, महंत एवं श्रद्धालु कार्यक्रम में शामिल हुए।
साध्वी सूरज कंवर साहेब की पुण्य स्मृति में उनके वधू-सुपुत्र मंजू सत्यप्रकाश महामंदिर, जोधपुर (राजस्थान) की ओर से सभी संत-महंत एवं श्रद्धालुओं के लिए भजन-भंडारे का आयोजन किया गया।
इस अवसर पर कालूराम जी, सुरेश जी, सुधीर जी, भगवत सिंह जी, ज्ञान सत्यप्रकाश जी, केशव दास जी एवं रोहित दास जी सहित संस्था के अनेक सदस्य उपस्थित रहे। सद्गुरु कबीर लहरतारा धाम सेवा समिति के सभी सदस्यों ने आयोजन की व्यवस्थाओं का सफलतापूर्वक संचालन किया।
कार्यक्रम का संचालन संत श्री संतोष दास एवं गौतम दास जी ने किया। समिति ने बताया कि तीन दिवसीय महोत्सव के दौरान सत्संग, प्रवचन, भजन एवं भंडारे का आयोजन निरंतर जारी रहेगा।














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