मां भीमचंडी देवी प्राकट्योत्सव 30 अगस्त को, चतुर्वेद मंत्र जागरण रहेगा खास आकर्षण | AARCC LIVE NEWS VARANASI
30 अगस्त को होगा मां भीमचंडी देवी प्राकट्योत्सव,
चतुर्वेद मंत्र जागरण रहेगा विशेष आकर्षण
पंचक्रोशी यात्रा के द्वितीय पड़ाव पर भव्य आयोजन, रुद्रचंडी यज्ञ, भजन संध्या, महाआरती और विशाल भंडारे का होगा आयोजन
रिपोर्ट:-आलोक चतुर्वेदी/सचिनदेव
वाराणसी। काशी की धार्मिक एवं आध्यात्मिक परंपरा से जुड़े मां भीमचंडी देवी प्राकट्योत्सव का आयोजन इस वर्ष 30 अगस्त, रविवार को भाद्रपद कृष्ण द्वितीया के पावन अवसर पर श्रद्धा और उल्लास के साथ किया जाएगा। मां भीमचंडी देवी की असीम अनुकंपा से प्रत्येक वर्ष आयोजित होने वाले इस धार्मिक महोत्सव को लेकर तैयारियां पूरी कर ली गई हैं।
प्राकट्योत्सव के दौरान विभिन्न धार्मिक एवं आध्यात्मिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इनमें श्रीरामचरितमानस अखंड पाठ, रुद्रचंडी यज्ञ, हवन एवं पूर्णाहुति, भजन संध्या, भगवती महाआरती और विशाल भंडारा प्रमुख रूप से शामिल हैं। आयोजन में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना है।
चारों वेदों के गुप्त मंत्रों का होगा प्रत्यक्ष पाठ
इस वर्ष के आयोजन की सबसे बड़ी विशेषता ‘चतुर्वेद वसंत पूजन मंत्र जागरण’ होगी। आयोजकों के अनुसार कार्यक्रम में चारों वेदों की अत्यंत गुप्त शाखाओं के प्रायोगिक प्रत्यक्ष मंत्र पाठ का आयोजन किया जाएगा। वैदिक मंत्रोच्चार और धार्मिक अनुष्ठानों के माध्यम से श्रद्धालुओं को भारतीय वैदिक परंपरा की समृद्ध आध्यात्मिक विरासत से परिचित कराने का प्रयास किया जाएगा।
पंचक्रोशी यात्रा में द्वितीय पड़ाव है मां भीमचंडी देवी मंदिर
आयोजन समिति के अनुसार मां भीमचंडी देवी का मंदिर काशी की प्रसिद्ध पंचक्रोशी यात्रा के क्रम में द्वितीय पड़ाव के रूप में विशेष धार्मिक महत्व रखता है। श्रद्धालुओं के बीच मां भीमचंडी देवी के प्रति गहरी आस्था है। मान्यता है कि देवी मां के सान्निध्य एवं आशीर्वाद से भक्तों को जीवन के महत्वपूर्ण क्षेत्रों में विजय और सफलता प्राप्त होती है।
चारों पीठों के शंकराचार्यों का आशीर्वचन
प्राकट्योत्सव के आयोजन के लिए सनातन धर्म की चारों पीठों के शंकराचार्यों का आशीर्वचन प्राप्त होने की जानकारी आयोजन समिति की ओर से दी गई है। इसके साथ ही अरुणाचल प्रदेश और कर्नाटक के राज्यपालों के शुभकामना संदेश भी प्राप्त हुए हैं।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में उत्तर प्रदेश के आयुष मंत्री डॉ. दयाशंकर मिश्र ‘दयालु गुरु’ शामिल होंगे। इसके अलावा काशी विश्वनाथ मंदिर के प्रमुख कार्यपालक विश्वभूषण मिश्र, श्री महंत अन्नपूर्णा मंदिर, प्रधान अर्चक चिंतामणी गणेश मंदिर, क्षेत्रीय विधायक सहित अनेक गणमान्य लोगों की उपस्थिति प्रस्तावित है।
कई संस्थाएं आयोजन में करेंगी सहयोग
प्राकट्योत्सव को सफल बनाने में शारदा ग्लोबल इवेंट्स प्रा. लि., जय माता दी चैरिटेबल ट्रस्ट गंगापुर, श्री काशी क्षेत्र पंचक्रोशी जीर्णोद्धार समिति, श्री गणेशोत्सव सेवा समिति, नारायण शिक्षण संस्थान और श्री राज-राजेश्वरी फाउंडेशन, श्रीक्षेत्र-काशी का सहयोग रहेगा।
कार्यक्रम का आयोजन मां भीमचंडी देवी जन्मोत्सव आयोजन समिति, वाराणसी की ओर से किया जा रहा है।
आयोजन समिति के संरक्षकों में महेश चैतन्य ब्रह्मचारी, चल्ला सुब्बाराव शास्त्री, गोपाल मिश्र और अर्चक संजय मिश्र शामिल हैं। वहीं राजेश प्रजापति कोषाध्यक्ष हैं। कार्यक्रम संयोजक के रूप में आचार्य वैदिक पं. अमित कुमार पाण्डेय, काशी पं. अभिषेक चौबे और पं. मोहन दुबे जिम्मेदारी संभाल रहे हैं।
आयोजन समिति ने श्रद्धालुओं से मां भीमचंडी देवी प्राकट्योत्सव में अधिक से अधिक संख्या में शामिल होकर धार्मिक अनुष्ठानों में सहभागिता करने और भगवती का आशीर्वाद प्राप्त करने की अपील की है।














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