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वरिष्ठ पत्रकार डॉ. उदय शंकर भगत को मिला बेस्ट काशी आइकॉन अवार्ड | आर्क लाइव न्यूज़ वाराणसी

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SUSHRUTACON 2026 के दौरान Himalaya Wellness के स्वास्थ्य जागरूकता कैंप में चिकित्सकों ने दिखाई विशेष रुचि | AARCC LIVE NEWS VARANASI

 SUSHRUTACON 2026 के दौरान Himalaya Wellness के स्वास्थ्य जागरूकता कैंप में चिकित्सकों ने दिखाई विशेष रुचि  रिपोर्ट-आलोक चतुर्वेदी/सचिन देव वाराणसी। नीमा सर्जिकल सोसाइटी (उत्तर प्रदेश चैप्टर) एवं शल्य तंत्र विभाग, राजकीय आयुर्वेदिक महाविद्यालय एवं चिकित्सालय, चौकाघाट, वाराणसी द्वारा आयोजित SUSHRUTACON 2026 के दौरान Himalaya Wellness की ओर से एक विशेष स्वास्थ्य जागरूकता कैंप लगाया गया। कैंप में बड़ी संख्या में चिकित्सकों एवं स्वास्थ्य क्षेत्र से जुड़े विशेषज्ञों ने पहुंचकर कंपनी के विभिन्न आयुर्वेदिक उत्पादों और स्वास्थ्य समाधानों की जानकारी प्राप्त की।                                      (यहाँ वीडियो देखें)    कैंप के दौरान Himalaya Wellness के प्रतिनिधियों शंभुनाथ उपाध्याय, कपिल शुक्ला, गणेश त्रिपाठी एवं अनोखी सिंह ने उपस्थित चिकित्सकों को कंपनी के प्रमुख उत्पादों Liv.52 DS, Liv.52, Cystone Tablet, Galactosure Granules, Pilex Tablet, Septilin तथा Evecare Syrup के बारे म...

यू.पी. बैंक इम्प्लाइज कोऑपरेटिव सोसाइटी ने पंजाब नेशनल बैंक पर लगाया जमा धनराशि का ब्याज रोकने का आरोप, मीडिया से की हस्तक्षेप की अपील | AARCC LIVE वाराणसी

रिपोर्ट/आर्क लाइव न्यूज/आलोक चतुर्वेदी  वाराणसी, 1 जून 2026 यू.पी.बैंक इम्प्लाइज कोऑपरेटिव सोसाइटी लिमिटेड, कमच्छा, वाराणसी ने विभिन्न समाचार पत्रों को भेजे गए एक पत्र में आरोप लगाया है कि पंजाब नेशनल बैंक की नीचीबाग शाखा में सोसाइटी के नाम पर रखी गई सावधि जमा (एफडी) की परिपक्वता के बाद देय ब्याज का भुगतान बैंक द्वारा नहीं किया जा रहा है। सोसाइटी ने मामले में किए गए प्रयासों के बावजूद समाधान न होने पर मीडिया के माध्यम से आमजन को अवगत कराने और न्याय दिलाने की मांग की है। सोसाइटी के सचिव द्वारा जारी पत्र के अनुसार वर्ष 2011 में बैंक अधिकारियों द्वारा सोसाइटी को अधिक ब्याज दर का आश्वासन देकर बड़ी धनराशि जमा कराई गई थी। सोसाइटी का दावा है कि उसके द्वारा जमा की गई राशि समय के साथ बढ़कर लगभग पांच करोड़ रुपये से अधिक हो गई थी। आरोप है कि सितंबर 2022 तक बैंक द्वारा ब्याज का भुगतान किया गया, लेकिन दिसंबर 2022 की तिमाही से ब्याज भुगतान बंद कर दिया गया। पत्र में कहा गया है कि मार्च 2023 से अब तक ब्याज न मिलने के कारण सोसाइटी को लगभग ₹13.27 लाख से अधिक की आर्थिक क्षति हुई है। सोसाइटी ने बैंक प...

पुरुषोत्तम मास में श्रीमद्भागवत कथा का षष्ठ दिवस सम्पन्न, डॉ. अनुरंजिका चतुर्वेदी ने दिए जीवन और धर्म के गूढ़ संदेश | AARCC LIVE NEWS VARANASI

  वाराणसी/रिपोर्ट-आलोक चतुर्वेदी/सचिन देव श्रीमद्भागवत कथा ज्ञान-यज्ञ के अंतर्गत संस्कृति सेवा न्यास द्वारा आयोजित कथा के षष्ठ दिवस पर मंगलवार, 26 मई 2026 को श्रद्धालुओं ने भगवान श्रीकृष्ण की लीलाओं और आध्यात्मिक संदेशों का रसपान किया। कथा व्यास डॉ. अनुरंजिका चतुर्वेदी ने अपने प्रवचन में धर्म, भक्ति, कर्म और जीवन के गहन सिद्धांतों पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि जब मनुष्य के पुण्य क्षीण होने लगते हैं और पापकर्मों का भार बढ़ जाता है, तब वह उच्च कुल और श्रेष्ठ परिवेश में जन्म लेने के बावजूद अहंकार एवं अत्याचार के मार्ग पर अग्रसर हो जाता है। ऐसे समय में परमात्मा स्वयं उसके अहंकार का विनाश करने हेतु अवतार लेते हैं। डॉ. चतुर्वेदी ने श्रीमद्भागवत में वर्णित पूतना, अघासुर, बकासुर, तृणावर्त, कालिया नाग, कंस और शिशुपाल जैसे चरित्रों का उदाहरण देते हुए बताया कि भगवान अंततः अधर्म का नाश कर पीड़ितों को राहत प्रदान करते हैं। भगवान श्रीकृष्ण के जीवन चरित्र का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि श्रीकृष्ण ने जीवन में कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा। कारागार में जन्म लेने के बाद वे निरंतर आगे बढ़ते रहे और य...

पुरुषोत्तम मास में श्रीमद्भागवत कथा के चतुर्थ दिवस में जीव और ब्रह्म के संबंध का हुआ भावपूर्ण वर्णन | AARCC LIVE NEWS VARANASI

 रिपोर्ट/आलोक चतुर्वेदी/सचिन देव वाराणसी, 24 मई 2026।  भारतीय संस्कृति एवं संस्कारों के संरक्षण तथा सामाजिक सेवा के लिए समर्पित संस्कृति सेवा न्यास द्वारा पुरुषोत्तम मास के अवसर पर आयोजित श्रीमद्भागवत कथा ज्ञान-यज्ञ के चतुर्थ दिवस पर श्रद्धालुओं ने भक्ति एवं आध्यात्मिक रस का आनंद लिया। कथा व्यास भागवत मर्मज्ञ डॉ. अनुरंजिका चतुर्वेदी ने पुरंजन और अभिज्ञात के प्रसंग के माध्यम से जीव और परब्रह्म के गूढ़ संबंध का सरल एवं भावपूर्ण वर्णन किया। डॉ. चतुर्वेदी ने कहा कि पुरंजन रूपी जीव संसार रूपी नगर में भ्रमण के लिए आता है, किन्तु माया के आकर्षण में पड़कर उसी में रम जाता है और अपने वास्तविक धाम को भूल जाता है। समय बीतने पर जब अभिज्ञात रूपी परब्रह्म उसे उसके वास्तविक स्वरूप और उद्देश्य का स्मरण कराता है, तब जीव को पश्चाताप होता है कि वह मानव जीवन का वास्तविक उद्देश्य भूलकर सांसारिक मोह-माया में उलझ गया। उन्होंने कहा कि प्रत्येक मनुष्य पुरंजन है और अभिज्ञात स्वयं ईश्वर हैं, जो समय-समय पर आत्मचिंतन के लिए प्रेरित करते हैं। दूसरे प्रसंग में उन्होंने भक्त प्रहलाद के जीवन का उल्लेख करते हुए...

पुरुषोत्तम मास में श्रीमद्भागवत कथा के तृतीय दिवस में गूँजा वैराग्य, साधना और ईश्वरीय विश्वास का संदेश | AARCC LIVE NEWS VARANASI

 रिपोर्ट/आलोक चतुर्वेदी वाराणसी, 23 मई 2026। सामाजिक सेवा के लिए समर्पित संस्था संस्कृति सेवा न्यास द्वारा पुरुषोत्तम मास के अंतर्गत आयोजित श्रीमद्भागवत महापुराण कथा ज्ञान-यज्ञ के तृतीय दिवस पर श्रद्धा, भक्ति और आध्यात्मिक चेतना का अनुपम संगम देखने को मिला। कथा व्यास डॉ. अनुरंजिका चतुर्वेदी ने अपने ओजस्वी प्रवचनों के माध्यम से जीवन के गूढ़ आध्यात्मिक रहस्यों का सरल एवं प्रभावशाली विवेचन किया। कथा के दौरान राजा परीक्षित द्वारा पूछे गए प्रश्न — “मरणासन्न व्यक्ति को क्या करना चाहिए?” — का उत्तर देते हुए डॉ. चतुर्वेदी ने कहा कि प्रत्येक मनुष्य को राग-द्वेष से मुक्त होकर महर्षि पतंजलि के सूत्र “योगश्चित्तवृत्ति निरोधः” का अनुसरण करना चाहिए। उन्होंने बताया कि आसन, ध्यान, धारणा, समाधि, यम, नियम एवं प्रत्याहार जैसे योग के अंगों को जीवन में अपनाकर व्यक्ति संयमित और संतुलित जीवन जी सकता है। इच्छाओं पर नियंत्रण रखते हुए अपकर्मों से दूर रहना और ईश्वर की आराधना में स्वयं को निरंतर संलग्न रखना ही मानव जीवन की सार्थकता है। कथा के दूसरे प्रसंग में उन्होंने सृष्टि की उत्पत्ति का वर्णन करते हुए कहा ...