श्री सर्वेश्वरी समूह ने जारी किया वार्षिक जनसेवा कार्यों का विवरण, 88,390 मरीजों का हुआ उपचार | AARCC LIVE NEWS VARANASI
श्री सर्वेश्वरी समूह ने जारी किया वार्षिक जनसेवा कार्यों का विवरण, 88,390 मरीजों का हुआ उपचार
वाराणसी। अघोर पीठ, श्री सर्वेश्वरी समूह संस्थान देवस्थानम्, अवधूत भगवान राम कुष्ठ सेवा आश्रम, पड़ाव में गुरुपूर्णिमा महोत्सव की पूर्व संध्या पर मंगलवार को पत्रकार सम्मेलन आयोजित किया गया। इस अवसर पर श्री सर्वेश्वरी समूह के अध्यक्ष पूज्यपाद बाबा औघड़ गुरुपद संभव राम ने संस्था की वार्षिक पत्रिका ‘अघोरेश्वर-स्मारिका वर्ष 2026’ का लोकार्पण किया। उन्होंने पत्रकारों के समसामयिक सामाजिक और आध्यात्मिक सवालों का जवाब भी दिया।
बाबा औघड़ गुरुपद संभव राम ने कहा कि आज के युवा आधुनिकता की चकाचौंध में अपने बुजुर्गों और संत-महापुरुषों के बताए मार्ग से दूर होते जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि समाज के अगुआ लोगों का आचरण और व्यवहार व्यापक प्रभाव डालता है, इसलिए उन्हें राष्ट्र और समाज के उत्थान के लिए सकारात्मक उदाहरण प्रस्तुत करना चाहिए। उन्होंने प्रकृति के असंतुलन पर चिंता जताते हुए कहा कि मानव के आचरण में गिरावट का प्रभाव प्रकृति पर भी दिखाई दे रहा है। कहीं अत्यधिक वर्षा, कहीं सूखा और कहीं भूकंप जैसी समस्याएं गंभीर रूप ले रही हैं। एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि “अघोर और औघड़ सहज हैं, पर सुगम नहीं।”
88,390 रोगियों का किया गया उपचार
पत्रकार सम्मेलन में श्री सर्वेश्वरी समूह के मंत्री डॉ. एस.पी. सिंह ने संस्था की वर्ष 2025-26 की जनसेवा गतिविधियों का विवरण प्रस्तुत किया। उन्होंने बताया कि गत गुरुपूर्णिमा से इस गुरुपूर्णिमा तक समूह के प्रधान कार्यालय और विभिन्न शाखाओं के माध्यम से 88,390 रोगियों का उपचार किया गया। विभिन्न स्थानों पर रक्तदान शिविरों के साथ पैथोलॉजी जांच की भी व्यवस्था की गई।
पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में संस्था की ओर से 2,10,500 से अधिक पौधरोपण किए गए। छत्तीसगढ़ के जशपुर जिले में संस्था की प्रेरणा और पहल से दो लाख से अधिक सीड बॉल पहाड़ी क्षेत्रों में डाले गए, जिसे ‘गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड’ में स्थान मिलने की जानकारी दी गई। नरसिंहगढ़, मध्य प्रदेश में भी स्वयंसेवकों द्वारा एक लाख से अधिक सीड बॉल का रोपण किया गया।
जशपुर आश्रम में चाय की खेती के माध्यम से स्थानीय लोगों को रोजगार उपलब्ध कराने के साथ इस वर्ष पिपरमेंट और कोको की खेती भी शुरू की गई। भीषण गर्मी में पक्षियों के संरक्षण के लिए शहरों और गांवों में दाना-पानी की व्यवस्था की गई। संस्था ने देशी गो-पालन, देशी बीज संरक्षण और जल संरक्षण को भी बढ़ावा दिया।
जरूरतमंदों के बीच पहुंचाई राहत सामग्री
सर्दी के मौसम में देश के विभिन्न हिस्सों के साथ नेपाल के थारू समुदाय के जरूरतमंद लोगों को कंबल, रजाई और शॉल वितरित किए गए। गर्मी में राहगीरों के लिए पनशालाएं संचालित की गईं। इसके अलावा जरूरतमंदों को साड़ी, धोती, गमछा, तौलिया, स्वेटर, जैकेट, टोपी, स्कार्फ और मोजे जैसी सामग्री वितरित की गई।
छत्तीसगढ़ के बलरामपुर जिले के राजपुर प्रखंड स्थित ग्राम बचवार में अनुसूचित जनजाति के पहाड़ी कोरबा, कोड़ाकू और नगेशिया समाज के लोगों को भी राहत सामग्री दी गई। संस्था के अनुसार, दुर्गम और सड़कविहीन क्षेत्र में लगभग 10 किलोमीटर कठिन रास्ता तय कर स्वयंसेवक सेवा कार्य के लिए पहुंचे।
शिक्षा और सामाजिक सेवा पर भी जोर
समूह की ओर से ग्रामदेवी मंदिरों की साफ-सफाई के साथ अस्पतालों, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों, वृद्धाश्रमों और बाढ़ शिविरों में फल, ब्रेड, वस्त्र और अन्य सामग्री वितरित की गई। सर्वधर्म समन्वय की भावना से मंदिरों, मस्जिदों, गुरुद्वारों और गिरजाघरों में भी स्वच्छता सामग्री वितरित की गई। मच्छरजनित बीमारियों की रोकथाम के लिए मच्छरदानी और राष्ट्रीयता व सदाचार के प्रति जागरूकता के लिए अघोर साहित्य का वितरण किया गया।
अवधूत भगवान राम नर्सरी विद्यालय के मेधावी विद्यार्थियों को मेडल, प्रशस्ति-पत्र और छात्रवृत्ति प्रदान की गई। काशी हिन्दू विश्वविद्यालय में दर्शनशास्त्र के स्नातक और स्नातकोत्तर स्तर पर प्रथम स्थान प्राप्त विद्यार्थियों को भी स्वर्ण पदक से सम्मानित किया गया। विभिन्न विद्यालयों के बच्चों को स्कूल बैग, कॉपी, किताबें तथा लेखन और खेल सामग्री वितरित की गई।
संस्था की ओर से गरीब परिवारों के बच्चों के लिए निःशुल्क भोजन, आवास और शिक्षा की व्यवस्था किए जाने की जानकारी भी दी गई। साथ ही, सादगी और बिना आडंबर के संपन्न होने वाली शादियों को आधुनिक समाज के लिए प्रेरणादायक बताया गया।
पत्रकार सम्मेलन में श्री सर्वेश्वरी समूह के उपाध्यक्ष डॉ. ब्रजभूषण सिंह, अवधूत भगवान राम कुष्ठ सेवा आश्रम के प्रमुख वैद्य बैकुंठनाथ पाण्डेय, प्रबंध समिति के सदस्य डॉ. बामदेव पाण्डेय और वरिष्ठ पत्रकार दलीप सिंह सहित अन्य उपस्थित रहे।











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