वाराणसी में एडवांस स्पाइन एंडोस्कोपी वर्कशॉप का सफल आयोजन, देशभर के विशेषज्ञ चिकित्सकों ने लिया प्रशिक्षण | AARCC LIVE NEWS VARANASI
वाराणसी में एडवांस स्पाइन एंडोस्कोपी वर्कशॉप का सफल आयोजन, देशभर से विशेषज्ञ चिकित्सकों ने लिया प्रशिक्षण
आधुनिक तकनीकों और लाइव सर्जरी के माध्यम से चिकित्सकों को दिया गया स्पाइन एंडोस्कोपी का व्यावहारिक प्रशिक्षण
वाराणसी। रीढ़ की बीमारियों के आधुनिक और न्यूनतम चीरा आधारित उपचार को बढ़ावा देने की दिशा में वाराणसी में 25 एवं 26 जुलाई 2026 को एडवांस स्पाइन एंडोस्कोपी वर्कशॉप का सफल आयोजन किया गया। वर्कशॉप का आयोजन वरिष्ठ स्पाइन एंडोस्कोपी विशेषज्ञ डॉ. सुशील कुमार जायसवाल के मार्गदर्शन में किया गया। कार्यक्रम में देश के विभिन्न राज्यों से आए विशेषज्ञ चिकित्सकों ने हिस्सा लिया और स्पाइन एंडोस्कोपी की नवीनतम तकनीकों का व्यावहारिक प्रशिक्षण प्राप्त किया।
वर्कशॉप में ग्वालियर से आए वरिष्ठ स्पाइन विशेषज्ञ डॉ. संतोष त्रिपाठी ने गेस्ट फैकल्टी के रूप में प्रतिभागियों को आधुनिक तकनीकों और जटिल स्पाइन एंडोस्कोपिक प्रक्रियाओं की बारीकियों से अवगत कराया। कार्यक्रम के मुख्य सचिव डॉ. अंशुल अग्रवाल (इंदौर) तथा सहायक सचिव डॉ. शुभेंदु सिंह (गोरखपुर) रहे।प्रशिक्षण कार्यक्रम में विभिन्न राज्यों से आए ऑर्थोपेडिक सर्जन, पेन फिजीशियन, एनेस्थीसियोलॉजिस्ट, न्यूरोसर्जन एवं न्यूरोफिजीशियन सहित कई विशेषज्ञ चिकित्सकों ने भाग लिया। प्रतिभागियों में डॉ. ललित कुमार, डॉ. के. अश्विन, डॉ. सुक्रांत यादव, डॉ. संजोग मेकेवार, डॉ. प्रीतम मोहंती, डॉ. वी. अभिलाष, डॉ. आशीष गोयल, डॉ. अजय मोदगिल एवं डॉ. कृति सुंदर मंडल प्रमुख रूप से शामिल रहे।
बिना बड़ी सर्जरी के उपचार की दिशा में महत्वपूर्ण तकनीक
विशेषज्ञों के अनुसार, स्पाइन एंडोस्कोपी रीढ़ की बीमारियों के उपचार में इस्तेमाल होने वाली आधुनिक और न्यूनतम चीरा आधारित तकनीकों में से एक है। उपयुक्त मरीजों में इस तकनीक के माध्यम से पारंपरिक बड़ी सर्जरी की तुलना में कम चीरे के साथ उपचार किया जा सकता है। इससे कई मामलों में रक्तस्राव और ऑपरेशन के बाद होने वाली असुविधा को कम करने में मदद मिल सकती है तथा मरीज अपेक्षाकृत कम समय में अपनी सामान्य दिनचर्या की ओर लौट सकता है।
वर्कशॉप के दौरान प्रतिभागियों को लाइव सर्जरी, केस आधारित चर्चा, आधुनिक उपकरणों के उपयोग और विभिन्न जटिल स्पाइन एंडोस्कोपिक प्रक्रियाओं का विस्तृत व्यावहारिक प्रशिक्षण प्रदान किया गया। विशेषज्ञों ने चिकित्सकों के साथ अपने अनुभव साझा करते हुए आधुनिक स्पाइन उपचार में तकनीकी दक्षता, मरीजों की उचित चयन प्रक्रिया और सुरक्षित उपचार प्रोटोकॉल के महत्व पर भी जोर दिया।
आयोजकों ने बताया कि इस वर्कशॉप का मुख्य उद्देश्य देश के विभिन्न हिस्सों से आए चिकित्सकों को नवीनतम स्पाइन एंडोस्कोपिक तकनीकों से प्रशिक्षित करना है, ताकि भारत में आधुनिक, सुरक्षित और न्यूनतम चीरा आधारित स्पाइन उपचार को और अधिक बढ़ावा मिल सके। इस तरह के प्रशिक्षण कार्यक्रमों के माध्यम से चिकित्सकों की विशेषज्ञता को मजबूत करने के साथ-साथ जरूरतमंद मरीजों तक आधुनिक उपचार सुविधाएं पहुंचाने में भी मदद मिलेगी।
वाराणसी में आयोजित इस दो दिवसीय एडवांस स्पाइन एंडोस्कोपी वर्कशॉप को स्पाइन उपचार के क्षेत्र में ज्ञान, तकनीक और विशेषज्ञता के आदान-प्रदान की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल के रूप में देखा जा रहा है।


















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