रिपोर्ट/आलोक चतुर्वेदी
🪔 103वां संकट मोचन संगीत समारोह (वाराणसी)
तारीख: 6 से 11 अप्रैल
समय: रोज शाम 7:30 बजे से सूर्योदय तक
स्थान: संकट मोचन मंदिर प्रांगण, वाराणसी
✨ कार्यक्रम परिचय
वाराणसी के पावन संकट मोचन मंदिर में आयोजित होने वाला यह भव्य संगीत समारोह भारतीय शास्त्रीय संगीत, भक्ति और सांस्कृतिक एकता का अद्भुत संगम है।
इस वर्ष के समारोह में 11 पद्म पुरस्कार विजेता और 13 मुस्लिम कलाकार अपनी प्रस्तुतियों से गंगा-जमुनी तहज़ीब की मिसाल पेश करेंगे।
🌟 मुख्य आकर्षण
अनूप जलोटा – 9 अप्रैल (भजन प्रस्तुति)
मालिनी अवस्थी – 6 अप्रैल (लोक गायन)
पं. शिवमणि – 7 अप्रैल (वाद्य प्रस्तुति)
समापन: पं. साजन मिश्र – 11 अप्रैल
🎭 विशेष आयोजन
6 अप्रैल को चित्रकूट नृत्य नाटिका से समारोह का शुभारंभ
नागरी प्रचारिणी सभा के निर्देशन में मंचन
सभी धर्मों के कलाकारों की सहभागिता
🎶 मुस्लिम कलाकारों की भागीदारी
इस समारोह में उस्ताद गुलाम अब्बास खां, उस्ताद मसकूर अली खां, शाकिर खां, शिराज अली खां सहित 13 प्रमुख मुस्लिम कलाकार गायन, सितार, सरोद, तबला और सारंगी में प्रस्तुति देंगे।
यह आयोजन सांस्कृतिक एकता और सौहार्द का प्रतीक है।
📅 दिनवार कार्यक्रम
6 अप्रैल (पहली निशा):
चित्रकूट नृत्य नाटिका, मालिनी अवस्थी, राहुल शर्मा आदि
7 अप्रैल (दूसरी निशा):
पं. शिवमणि, विश्व मोहन भट्ट, कुशल दास, शुभ महाराज
8 अप्रैल (तीसरी निशा):
कौशिकी चक्रवर्ती, देवाशीष भट्टाचार्य, उल्हास कशालकर
9 अप्रैल (चौथी निशा):
अनूप जलोटा, अजय पोहनकर, सतीश व्यास
10 अप्रैल (पांचवीं निशा):
तेजेंद्र नारायण मजूमदार, रोनू मजुमदार, कंकणा बनर्जी
11 अप्रैल (छठवीं निशा):
रतिकांत महापात्रा, अभय रुस्तम सोपोरी, कलापिनी कोमकली
संकट मोचन संगीत समारोह केवल एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि भक्ति, संगीत और एकता का महापर्व है, जहाँ सभी धर्मों और विचारों के लोग एक मंच पर आकर भगवान हनुमान की आराधना करते हैं।




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