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वाराणसी: रंगभरी एकादशी पर परंपरा का 'धर्मसंकट', पूर्व महंत ने मंदिर प्रशासन को घेरा; Aarcc Live News की पड़ताल

 

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रंगभरी एकादशी परंपरा पर विवाद: पूर्व महंत ने उठाए सवाल, मंदिर प्रशासन से की निष्पक्ष जांच की मांग

— वाराणसी | रिपोर्ट: आलोक चतुर्वेदी | Aarcc Live News —

श्री काशी विश्वनाथ मंदिर में 27 फरवरी 2026 को आयोजित होने वाले आमलकी/रंगभरी एकादशी महोत्सव को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। मंदिर के पूर्व महंत पं. लोकपति तिवारी ने मंदिर प्रशासन पर प्राचीन परंपरा में हस्तक्षेप का आरोप लगाते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की है। Aarcc Live News को मिले पत्र में उन्होंने प्राचीन रजत प्रतिमा के उपयोग को लेकर गंभीर सवाल खड़े किए हैं।

🚨 पूर्व महंत के गंभीर आरोप:

• मूल रजत प्रतिमा को रोककर दूसरी प्रतिमा से परंपरा का निर्वहन कराया जा रहा है।

• आयोजन के समय महंत आवास के बाहर पुलिस बल तैनात कर दबाव बनाया जाता है।

• मंदिर कार्यपालक समिति और न्यास ने अब तक वास्तविक प्रतिमा का स्थलीय निरीक्षण नहीं किया।

पूर्व महंत ने प्रिंट एवं इलेक्ट्रॉनिक मीडिया के माध्यम से अपील की है कि मंदिर प्रशासन इस पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कर सही स्थिति स्पष्ट करे। उन्होंने बाबा विश्वनाथ की प्राचीन परंपरा को न्याय दिलाने और प्राचीन रजत प्रतिमा से ही पूजन सुनिश्चित करने की मांग की है।

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