सीधे मुख्य सामग्री पर जाएं

रिम्स (RIMS) हॉस्पिटल एवं रिसर्च सेंटर के उद्घाटन समारोह का गरिमामय समापन || AARCC LIVE NEWS VARANASI

 


वाराणसी/रिपोर्ट: आलोक चतुर्वेदी 

राजिंदर इंटीग्रेटेड मल्टी सुपरस्पेशियलिटी हॉस्पिटल एंड रिसर्च सेंटर (RIMS) के भव्य उद्घाटन समारोह का समापन बुधवार को अत्यंत गरिमामय एवं उत्साहपूर्ण वातावरण में सम्पन्न हुआ। उद्घाटन कार्यक्रम उत्तर प्रदेश सरकार के राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) स्टांप एवं न्यायालय शुल्क पंजीकरण, माननीय श्री रविंद्र जायसवाल द्वारा विधिवत फीता काटकर किया गया।

समारोह का आयोजन परम श्रद्धेय संत राजिंदर सिंह जी महाराज के पावन आशीर्वाद से किया गया, जिससे पूरे कार्यक्रम को आध्यात्मिक एवं सकारात्मक ऊर्जा प्राप्त हुई। अपने संबोधन में मुख्य अतिथि श्री जायसवाल ने कहा कि RIMS जैसे आधुनिक एवं सुव्यवस्थित चिकित्सा संस्थान वाराणसी सहित सम्पूर्ण पूर्वांचल क्षेत्र में स्वास्थ्य सेवाओं को नई ऊँचाइयों तक ले जाने का कार्य करेंगे।

उन्होंने कहा कि एक ही परिसर में बेड, मल्टी-स्पेशियलिटी सेवाएं एवं अत्याधुनिक डायग्नोस्टिक सुविधाओं की उपलब्धता आमजन के लिए अत्यंत लाभकारी सिद्ध होगी, जिससे मरीजों को बेहतर, सुलभ एवं त्वरित उपचार प्राप्त हो सकेगा।


कार्यक्रम के दौरान अस्पताल के निदेशक डॉ. विकास जायसवाल एवं डॉ. नेहा नैनी ने सभी अतिथियों का स्वागत किया तथा उपस्थित जनसमूह का आभार व्यक्त किया। उन्होंने बताया कि RIMS हॉस्पिटल “Conscious Care of Breath, Beats and Bytes” के सिद्धांत पर आधारित होकर गुणवत्तापूर्ण, किफायती एवं मरीज-केंद्रित चिकित्सा सेवाएं प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है।

इस अवसर पर मीडिया प्रभारी अमित श्रीवास्तव की भी सक्रिय उपस्थिति रही, जिन्होंने मीडिया समन्वय, प्रेस कवरेज एवं कार्यक्रम से संबंधित सूचनाओं के प्रभावी प्रसारण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

उद्घाटन समारोह में अस्पताल के समस्त चिकित्सक, नर्सिंग स्टाफ, तकनीकी एवं प्रशासनिक कर्मचारी बड़ी संख्या में उपस्थित रहे और संस्थान की सफलता हेतु सामूहिक प्रतिबद्धता व्यक्त की। कार्यक्रम में डॉ. विकास जायसवाल एवं डॉ. नेहा नैनी के माता-पिता, परिवारजन एवं निकट संबंधी भी उपस्थित रहे, जिससे आयोजन को पारिवारिक एवं भावनात्मक गरिमा प्राप्त हुई।

                  ■★ विडियो यहाँ देखिए ★■

समापन अवसर पर शहर के वरिष्ठ चिकित्सक, सामाजिक कार्यकर्ता,जनप्रतिनिधि एवं गणमान्य नागरिकों की गरिमामयी उपस्थिति रही। समारोह का समापन धन्यवाद ज्ञापन के साथ किया गया।

RIMS हॉस्पिटल का शुभारंभ क्षेत्र में उन्नत स्वास्थ्य सेवाओं की दिशा में एक महत्वपूर्ण एवं ऐतिहासिक कदम माना जा रहा है।




टिप्पणियाँ

इस ब्लॉग से लोकप्रिय पोस्ट

मातृ दिवस समारोह में माताओं का हुआ सम्मान, बच्चों ने आरती उतारकर व्यक्त किया प्रेम और सम्मान | Aarcc Live News Varanasi

आर्क लाइव:-आलोक चतुर्वेदी/सचिनदेव   वाराणसी। श्री हरि धर्म विज्ञान सेवा संस्थान में संस्थापिका स्वर्गीय आशा देवी पाठक की स्मृति में मातृ दिवस समारोह का आयोजन बड़े ही उत्साह एवं श्रद्धा के साथ किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ प्रबंधक पंडित शिवानंद पाठक एवं प्रधानाचार्य विनोद कुमार वर्मा द्वारा दीप प्रज्वलन तथा मां सरस्वती की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर किया गया। इस अवसर पर सह निदेशक आशुतोष पाठक एवं सौरभ पाठक ने अपनी माताजी की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित की। इसके पश्चात विद्यालय के बच्चों ने अपनी माताओं की आरती कर उनका सम्मान किया। कार्यक्रम में विद्यालय के शिक्षक-शिक्षिकाओं ने मातृ दिवस के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि मां ममता, त्याग और निःस्वार्थ सेवा की प्रतिमूर्ति होती है तथा जीवन में संस्कारों का पहला पाठ मां ही सिखाती है। प्रधानाचार्य विनोद कुमार वर्मा ने बच्चों को संबोधित करते हुए कहा कि मां प्रेम, शांति और त्याग की साक्षात मूरत होती है। सह निदेशक आशुतोष पाठक एवं सौरभ पाठक ने सभी माताओं को मातृ दिवस की शुभकामनाएं देते हुए उन्हें प्रमाण पत्र एवं उपहार भेंट कर सम्मानित किय...

युवा पीढ़ी के लिए मिसाल बने सनबीम स्कूल के टॉपर गोपाल कृष्णन | AARCC LIVE NEWS VARANASI

  96.8% अंक हासिल कर बढ़ाया विद्यालय और परिवार का गौरव, सफलता का श्रेय दिया माँ, भगवद्गीता और हनुमान चालीसा को  रिपोर्ट/आलोक चतुर्वेदी/सचिन देव Sunbeam School Bhagwanpur के मेधावी छात्र Gopal Krishnan ने सीबीएसई 12वीं (विज्ञान-पीसीबी) परीक्षा में 96.8% अंक प्राप्त कर विद्यालय, परिवार और समाज का नाम रोशन किया है। अपनी सफलता से उन्होंने यह साबित कर दिया कि अनुशासन, नियमित अध्ययन और सकारात्मक सोच के बल पर हर लक्ष्य हासिल किया जा सकता है। गोपाल कृष्णन की सफलता की कहानी केवल अच्छे अंकों तक सीमित नहीं है, बल्कि यह आज की युवा पीढ़ी के लिए प्रेरणा का संदेश भी देती है। उन्होंने अपनी सफलता का सबसे बड़ा श्रेय अपनी माताजी पूजा जी, नियमित संध्या वंदना, Bhagavad Gita और Hanuman Chalisa के पाठ को दिया। गोपाल का मानना है कि आध्यात्मिक गतिविधियाँ मानसिक एकाग्रता बढ़ाने और सकारात्मक ऊर्जा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।  बचपन से ही रहा शानदार शैक्षणिक रिकॉर्ड  गोपाल के पिता अखिलेश कुमार राय ओमान के स्वास्थ्य मंत्रालय में चीफ फार्मासिस्ट ऑफिसर के पद पर कार्यरत हैं। प्रारंभिक शिक...

पुरुषोत्तम मास में श्रीमद्भागवत कथा के तृतीय दिवस में गूँजा वैराग्य, साधना और ईश्वरीय विश्वास का संदेश | AARCC LIVE NEWS VARANASI

 रिपोर्ट/आलोक चतुर्वेदी वाराणसी, 23 मई 2026। सामाजिक सेवा के लिए समर्पित संस्था संस्कृति सेवा न्यास द्वारा पुरुषोत्तम मास के अंतर्गत आयोजित श्रीमद्भागवत महापुराण कथा ज्ञान-यज्ञ के तृतीय दिवस पर श्रद्धा, भक्ति और आध्यात्मिक चेतना का अनुपम संगम देखने को मिला। कथा व्यास डॉ. अनुरंजिका चतुर्वेदी ने अपने ओजस्वी प्रवचनों के माध्यम से जीवन के गूढ़ आध्यात्मिक रहस्यों का सरल एवं प्रभावशाली विवेचन किया। कथा के दौरान राजा परीक्षित द्वारा पूछे गए प्रश्न — “मरणासन्न व्यक्ति को क्या करना चाहिए?” — का उत्तर देते हुए डॉ. चतुर्वेदी ने कहा कि प्रत्येक मनुष्य को राग-द्वेष से मुक्त होकर महर्षि पतंजलि के सूत्र “योगश्चित्तवृत्ति निरोधः” का अनुसरण करना चाहिए। उन्होंने बताया कि आसन, ध्यान, धारणा, समाधि, यम, नियम एवं प्रत्याहार जैसे योग के अंगों को जीवन में अपनाकर व्यक्ति संयमित और संतुलित जीवन जी सकता है। इच्छाओं पर नियंत्रण रखते हुए अपकर्मों से दूर रहना और ईश्वर की आराधना में स्वयं को निरंतर संलग्न रखना ही मानव जीवन की सार्थकता है। कथा के दूसरे प्रसंग में उन्होंने सृष्टि की उत्पत्ति का वर्णन करते हुए कहा ...