वाराणसी:रिपोर्ट/आलोक चतुर्वेदी
आयोजन का शुभारंभमाहेश्वरी महिला संगठन के तत्वावधान में स्थानीय माहेश्वरी भवन,महमूरगंज के मुख्य सभागार में अष्टदिवसीय धार्मिक अनुष्ठान श्रीमद्भागवत कथा का आरंभ हुआ।
प्रथम दिवस प्रातः कलश पूजन के उपरांत श्रीरामजानकी मंदिर से कथा स्थल तक भव्य कलश यात्रा निकाली गई, जिसमें बड़ी संख्या में महिलाओं और पुरुषों ने श्रद्धापूर्वक सहभागिता की।
कथा वाचक व मुख्य संदेश:
कथा के प्रथम दिवस अपराह्न सत्र में श्री श्याम मंदिर के मुख्य अर्चक पंडित संजय शास्त्री जी ने कथा प्रवचन करते हुए श्रीमद्भागवत के महात्म्य और गोकर्ण उपाख्यान पर विस्तृत प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि श्रद्धा और प्रेम से भागवत कथा के श्रवण मात्र से मनुष्य के त्रिताप नष्ट होते हैं, धुंधकारी जैसे महापापी का भी सात दिन में उद्धार हो जाता है और मोक्ष की प्राप्ति सरल हो जाती है।
धर्मोपदेश की मुख्य बातें:
कथानक के माध्यम से यह संदेश दिया गया कि केवल पिंडदान या कर्मकांड से नहीं, बल्कि भागवत के दर्शन और श्रवण से ही परम गति प्राप्त होती है। संतान प्राप्ति के लिए सात्विक आचरण को आवश्यक बताया गया,जैसा आत्मदेव की कथा से स्पष्ट होता है, जबकि दुष्टता और अधर्म के कारण प्रेत योनि तक की प्राप्ति हो सकती है।
यजमान व सहयोगी:
कथा के मुख्य यजमान सोहनी देवी श्यामसुंदर जी कचोलिया रहे, जिन्होंने भागवत पूजन सहित विभिन्न धार्मिक अनुष्ठान सम्पन्न कराए।आयोजन को सफल बनाने में कविता मारू, कुमुद चाण्डक, तनु चाण्डक, मधु मल्ल, संतोष सारड़ा, संगीता सोनी, ममता मूंदड़ा, संजीव चाण्डक, धीरज मल्ल, अनिल सारड़ा, कृष्णा काबरा, राजेश गट्टानी आदि ने सक्रिय सहयोग दिया।
सूचना:
कार्यक्रम की जानकारी माहेश्वरी महिला संगठन की प्रवक्ता इंदू चाण्डक ने दी और आगामी दिनों में कथा के अन्य प्रसंगों में अधिकाधिक श्रद्धालुओं से सहभागिता की अपील की।






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