सीधे मुख्य सामग्री पर जाएं

राज इंग्लिश स्कूल एवं राज स्पोर्ट्स एकेडमी के संयुक्त तत्वावधान में चिल्ड्रेन प्रीमियर लीग (सीपीएल–2025) सीआईएमएस ट्रॉफी का भव्य शुभारंभ


रिपोर्ट/आलोक चतुर्वेदी

वाराणसी|राज इंग्लिश स्कूल एवं राज स्पोर्ट्स एकेडमी द्वारा आयोजित चिल्ड्रेन प्रीमियर लीग (CPL–2025) सीआईएमएस ट्रॉफी का भव्य उद्घाटन मंगलवार को होटल बुद्धापार्क में धूमधाम से किया गया। उत्तर प्रदेश में पहली बार आयोजित हो रही 12 वर्ष तक के बच्चों की यह विशेष क्रिकेट लीग आईपीएल की तर्ज पर तैयार की गई है। इसमें आठ टीमों के नन्हे खिलाड़ियों का चयन ट्रायल, नीलामी और लॉटरी प्रक्रिया के माध्यम से किया गया है।

कार्यक्रम का शुभारंभ राज इंग्लिश स्कूल के निदेशक हर्षवर्धन सिंह के नेतृत्व में जर्सी लॉन्चिंग के साथ हुआ। इसके बाद सीपीएल अध्यक्ष रत्नेश दूबे व महासचिव मनोज श्रीवास्तव ने मुख्य अतिथियों को माल्यार्पण कर स्मृति चिन्ह प्रदान किए।

मुख्य अतिथि एवं स्कूल चेयरमैन डॉ. हरिओम सिंह ने कहा कि इस लीग का उद्देश्य बच्चों को क्रिकेट की सही दिशा, उचित प्रशिक्षण और खेल कौशल प्रदान करना है। वरिष्ठ पत्रकार स्नेहरंजन ने इस आयोजन को भविष्य में राष्ट्रीय स्तर पर ले जाने की बात कही। वहीं डॉ. अरविंद सिंह ने प्रतिभागी बच्चों को भविष्य का खिलाड़ी और समाज के उभरते सितारे बताया।

उद्घाटन समारोह में कई आकर्षक कार्यक्रम हुए—


दीप प्रज्ज्वलन


मार्च पास्ट


‘जय हो’ धुन पर 50 बच्चों का समूह नृत्य


खेल शपथ ग्रहण


मशाल वितरण

अंतरराष्ट्रीय कोच दिनेश जायसवाल ने खिलाड़ियों को शपथ दिलाई, जबकि क्रीड़ा भारती अध्यक्ष पंकज श्रीवास्तव ने खिलाड़ियों को मशाल सौंपकर उत्साहवर्धन किया।

समारोह के अंत में डॉ. हरिओम सिंह, वरिष्ठ पत्रकार स्नेहरंजन एवं डॉ. अरविंद सिंह ने संयुक्त रूप से ट्रॉफी का अनावरण किया। पूरे कार्यक्रम का संचालन मनोज श्रीवास्तव ने किया तथा सुभाष सिंह ने आंखोंदेखा हाल प्रस्तुत किया।

धन्यवाद ज्ञापन प्राचार्य विनोद कुमार मिश्रा एवं सीआईएमएस निदेशक मुक्ता श्रीवास्तव ने किया। कार्यक्रम में स्टेट अंपायर आर.पी. गुप्ता सहित अनेक गणमान्य लोग उपस्थित रहे।



टिप्पणियाँ

इस ब्लॉग से लोकप्रिय पोस्ट

मातृ दिवस समारोह में माताओं का हुआ सम्मान, बच्चों ने आरती उतारकर व्यक्त किया प्रेम और सम्मान | Aarcc Live News Varanasi

आर्क लाइव:-आलोक चतुर्वेदी/सचिनदेव   वाराणसी। श्री हरि धर्म विज्ञान सेवा संस्थान में संस्थापिका स्वर्गीय आशा देवी पाठक की स्मृति में मातृ दिवस समारोह का आयोजन बड़े ही उत्साह एवं श्रद्धा के साथ किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ प्रबंधक पंडित शिवानंद पाठक एवं प्रधानाचार्य विनोद कुमार वर्मा द्वारा दीप प्रज्वलन तथा मां सरस्वती की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर किया गया। इस अवसर पर सह निदेशक आशुतोष पाठक एवं सौरभ पाठक ने अपनी माताजी की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित की। इसके पश्चात विद्यालय के बच्चों ने अपनी माताओं की आरती कर उनका सम्मान किया। कार्यक्रम में विद्यालय के शिक्षक-शिक्षिकाओं ने मातृ दिवस के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि मां ममता, त्याग और निःस्वार्थ सेवा की प्रतिमूर्ति होती है तथा जीवन में संस्कारों का पहला पाठ मां ही सिखाती है। प्रधानाचार्य विनोद कुमार वर्मा ने बच्चों को संबोधित करते हुए कहा कि मां प्रेम, शांति और त्याग की साक्षात मूरत होती है। सह निदेशक आशुतोष पाठक एवं सौरभ पाठक ने सभी माताओं को मातृ दिवस की शुभकामनाएं देते हुए उन्हें प्रमाण पत्र एवं उपहार भेंट कर सम्मानित किय...

युवा पीढ़ी के लिए मिसाल बने सनबीम स्कूल के टॉपर गोपाल कृष्णन | AARCC LIVE NEWS VARANASI

  96.8% अंक हासिल कर बढ़ाया विद्यालय और परिवार का गौरव, सफलता का श्रेय दिया माँ, भगवद्गीता और हनुमान चालीसा को  रिपोर्ट/आलोक चतुर्वेदी/सचिन देव Sunbeam School Bhagwanpur के मेधावी छात्र Gopal Krishnan ने सीबीएसई 12वीं (विज्ञान-पीसीबी) परीक्षा में 96.8% अंक प्राप्त कर विद्यालय, परिवार और समाज का नाम रोशन किया है। अपनी सफलता से उन्होंने यह साबित कर दिया कि अनुशासन, नियमित अध्ययन और सकारात्मक सोच के बल पर हर लक्ष्य हासिल किया जा सकता है। गोपाल कृष्णन की सफलता की कहानी केवल अच्छे अंकों तक सीमित नहीं है, बल्कि यह आज की युवा पीढ़ी के लिए प्रेरणा का संदेश भी देती है। उन्होंने अपनी सफलता का सबसे बड़ा श्रेय अपनी माताजी पूजा जी, नियमित संध्या वंदना, Bhagavad Gita और Hanuman Chalisa के पाठ को दिया। गोपाल का मानना है कि आध्यात्मिक गतिविधियाँ मानसिक एकाग्रता बढ़ाने और सकारात्मक ऊर्जा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।  बचपन से ही रहा शानदार शैक्षणिक रिकॉर्ड  गोपाल के पिता अखिलेश कुमार राय ओमान के स्वास्थ्य मंत्रालय में चीफ फार्मासिस्ट ऑफिसर के पद पर कार्यरत हैं। प्रारंभिक शिक...

पुरुषोत्तम मास में श्रीमद्भागवत कथा के तृतीय दिवस में गूँजा वैराग्य, साधना और ईश्वरीय विश्वास का संदेश | AARCC LIVE NEWS VARANASI

 रिपोर्ट/आलोक चतुर्वेदी वाराणसी, 23 मई 2026। सामाजिक सेवा के लिए समर्पित संस्था संस्कृति सेवा न्यास द्वारा पुरुषोत्तम मास के अंतर्गत आयोजित श्रीमद्भागवत महापुराण कथा ज्ञान-यज्ञ के तृतीय दिवस पर श्रद्धा, भक्ति और आध्यात्मिक चेतना का अनुपम संगम देखने को मिला। कथा व्यास डॉ. अनुरंजिका चतुर्वेदी ने अपने ओजस्वी प्रवचनों के माध्यम से जीवन के गूढ़ आध्यात्मिक रहस्यों का सरल एवं प्रभावशाली विवेचन किया। कथा के दौरान राजा परीक्षित द्वारा पूछे गए प्रश्न — “मरणासन्न व्यक्ति को क्या करना चाहिए?” — का उत्तर देते हुए डॉ. चतुर्वेदी ने कहा कि प्रत्येक मनुष्य को राग-द्वेष से मुक्त होकर महर्षि पतंजलि के सूत्र “योगश्चित्तवृत्ति निरोधः” का अनुसरण करना चाहिए। उन्होंने बताया कि आसन, ध्यान, धारणा, समाधि, यम, नियम एवं प्रत्याहार जैसे योग के अंगों को जीवन में अपनाकर व्यक्ति संयमित और संतुलित जीवन जी सकता है। इच्छाओं पर नियंत्रण रखते हुए अपकर्मों से दूर रहना और ईश्वर की आराधना में स्वयं को निरंतर संलग्न रखना ही मानव जीवन की सार्थकता है। कथा के दूसरे प्रसंग में उन्होंने सृष्टि की उत्पत्ति का वर्णन करते हुए कहा ...