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AARCC LIVE NEWS VARANASI || पं. सीताराम कविराज धर्मसम्राट की उपासना पद्धति के अग्रणी संवाहक थे – प्रो. अजीत कुमार चतुर्वेदी

 


प्रो. हृदयरंजन शर्मा को मिला एक लाख रुपये का अखिल भारतीय सीताराम कविराज स्मृति सम्मान

रिपोर्ट:- आलोक चतुर्वेदी 

वाराणसी। श्रीविद्या के देशिक प्रवर आचार्य स्वामी दत्तात्रेयानन्दनाथ जी (पं. सीताराम कविराज) के शताब्दी जयंती महोत्सव के उपलक्ष्य में बुधवार को गणेश बाग, नगवा स्थित श्रीविद्या साधना पीठ में भव्य विद्वत् सपर्या का आयोजन किया गया।

                            ◆◆  वीडियो देखें  ◆◆ 

इस अवसर पर महर्षि सांदीपनि राष्ट्रीय वेद विद्या प्रतिष्ठान, उज्जैन के उपाध्यक्ष प्रो. हृदयरंजन शर्मा को एक लाख रुपये की सम्मान राशि, अंगवस्त्र एवं अभिनंदन पत्र प्रदान कर “अखिल भारतीय पं. सीताराम कविराज दत्तात्रेयानन्द नाथ स्मृति सम्मान” से अलंकृत किया गया।


सम्मान पीठाध्यक्ष स्वामी प्रकाशानन्द नाथ, काशी हिन्दू विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. अजीत कुमार चतुर्वेदी, काशी विद्वत परिषद के अध्यक्ष पद्मभूषण प्रो. वशिष्ठ त्रिपाठी, आईएएस हिमांशु कुमार तथा प्रो. श्रीकिशोर मिश्र ने संयुक्त रूप से प्रदान किया।


मुख्य अतिथि के रूप में संबोधित करते हुए प्रो. अजीत कुमार चतुर्वेदी ने कहा कि यह स्थल धर्म और आस्था का केंद्र है, जो धर्मसम्राट स्वामी करपात्री जी महाराज की उपासना पद्धति पर आधारित है। पं. सीताराम कविराज की श्रीविद्या उपासना अत्यंत विशिष्ट थी, जिसका लाभ आज समाज को सुलभ है—यह हम सबके लिए सौभाग्य का विषय है।

सम्मानित विद्वान प्रो. हृदयरंजन शर्मा ने इसे गुरु कृपा का प्रतिफल बताते हुए कहा कि श्रीविद्या ऐसी अद्वितीय विद्या है, जो भोग और मोक्ष दोनों प्रदान करने वाली है। इसकी महिमा शब्दों में व्यक्त नहीं की जा सकती।

अध्यक्षता करते हुए काशी विद्वत परिषद के अध्यक्ष पद्मभूषण प्रो. वशिष्ठ त्रिपाठी ने कहा कि पं. सीताराम कविराज, स्वामी करपात्री जी महाराज के न्याय एवं वेदान्त के सिद्धांतों को व्यापक स्तर पर प्रसारित करने वाले मनीषी थे। उन्होंने धर्मसम्राट की श्रीविद्या उपासना परंपरा को आगे बढ़ाने में अग्रणी भूमिका निभाई।

पीठाध्यक्ष स्वामी प्रकाशानंद नाथ ने सभी को आशीर्वचन प्रदान किया।

कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्ज्वलन एवं वैदिक मंगलाचरण के साथ हुआ। अतिथियों द्वारा ‘श्रीविद्यामंत्र महायोग’ तथा ‘श्रीविद्या साधना अष्टांगम’ पुस्तकों का विमोचन किया गया। तत्पश्चात काशी के 125 विद्वानों का सम्मान किया गया।

स्वागत संयोजक प्रो. श्रीकिशोर मिश्र, संचालन डॉ. दीपक कुमार शर्मा तथा धन्यवाद ज्ञापन प्रो. उपेंद्र त्रिपाठी ने किया।

इस अवसर पर पूर्व अपर मुख्य सचिव हिमांशु कुमार, प्रो. चंद्रमौली उपाध्याय, प्रो. सदाशिव कुमार द्विवेदी, प्रो. राममोहन पाठक, प्रो. एस.जे. दुबे, प्रो. रामनारायण द्विवेदी, प्रो. शरदेन्दु तिवारी, प्रो. कमलेश झा, रवि अग्रवाल, राजेन्द्र सिंह, डॉ. सुनील मिश्रा सहित अनेक गणमान्य जन उपस्थित रहे।





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