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शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने सुनी कथा, भक्तों को दिया आशीर्वचन चिंतामणि गणेश मंदिर में संगीतमय श्रीरामचरितमानस कथा का षष्ठम दिवस | AARCC LIVE NEWS VARANASI


 रिपोर्ट/आलोक चतुर्वेदी

वाराणसी, 27 दिसंबर।

स्वर्गीय चल्ला कृष्ण शास्त्री जी की पुण्य स्मृति में सोनारपुरा स्थित श्री श्री चिंतामणि गणेश मंदिर में आयोजित सप्तदिवसीय संगीतमय श्रीरामचरितमानस कथा का छठवां दिवस अत्यंत श्रद्धा, भक्ति और भावविभोर वातावरण में संपन्न हुआ। कथा का रसपान सुप्रसिद्ध कथा व्यास नीलमणि दीदी एवं लक्ष्मी बड़ी दीदी के मुखारविंद से कराया जा रहा है।

कथावाचन के दौरान कथा व्यास लक्ष्मीमणि शास्त्री जी ने भगवान श्रीराम के विवाहोपरांत जनकपुरी में बारात के एक वर्ष तक ठहराव, राजा जनक द्वारा दिए गए उपहारों तथा उनकी उदारता का विस्तार से वर्णन किया। उन्होंने बताया कि विवाह के समय राजा दशरथ ने सभी उपहार विवाह एवं जनवासा स्थल पर ही वितरित कर दिए थे, किंतु विदाई के समय पुनः राजा जनक ने भरपूर उपहार देकर बारात को विदा किया, जो पहले ही अयोध्या पहुंचा दिए गए।

कथा में किशोरी जी की विदाई का भावपूर्ण वर्णन करते हुए बताया गया कि उनके साथ पाले गए तोता-मैना भी जनक परिवार के विरह में विलाप करने लगे। अयोध्या पहुंचने पर माता कौशल्या द्वारा बहू के स्वागत की भव्य तैयारी और श्रीराम के राज्याभिषेक की स्वीकृति का भी सुंदर चित्रण किया गया।

कथाप्रसंग में आगे मंथरा द्वारा कैकेयी को भड़काना, कैकेयी का कोप भवन जाना, राजा दशरथ का मूर्छित होना, तथा राम द्वारा सहर्ष माता कैकेयी के वचन को स्वीकार कर 14 वर्षों के वनवास हेतु प्रस्थान का मार्मिक वर्णन किया गया। साथ ही सीता और लक्ष्मण का राम के साथ वनगमन, केवट संवाद, सीताहरण, जटायु, सुग्रीव-बालि, हनुमान, समुद्र सेतु निर्माण, लंका दहन, विभीषण मिलन, रावण वध एवं राम के अयोध्या लौटकर राज्याभिषेक तक की कथा का संक्षिप्त किंतु भावपूर्ण वर्णन किया गया।

कथा व्यास ने कहा कि “राम से बड़ा राम का नाम है, नित्य राम नाम का जप करने से जीवन के सभी अवरुद्ध मार्ग स्वतः खुल जाते हैं।”

इस अवसर पर शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद जी का कथा स्थल पर आगमन हुआ, जहां उन्होंने कथा श्रवण कर भक्तों को आशीर्वचन प्रदान किया। मंदिर के महंत चल्ला सुब्बा राव ने स्वामी जी को अंगवस्त्र ओढ़ाकर एवं श्री चिंतामणि गणेश का चित्र भेंट कर सम्मानित किया।

कथा में प्रमुख रूप से चल्ला सुब्बा राव, चल्ला अन्नपूर्णा प्रसाद, संतोष सोलापुरकर, मीना चौबे, चल्ला गणेश, नरेंद्र ओझा, सतीश चंद्र मिश्रा, ओम प्रकाश मिश्रा सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।





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