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संविधान दिवस पर जेंडर आधारित हिंसा व HIV/AIDS जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन | वाराणसी Aarcc Live News

 

रिपोर्ट/आलोक चतुर्वेदी

वाराणसी। श्री लक्ष्मीकुण्ड फाउंडेशन एवं बनारस नेटवर्क फॉर पॉजिटिव पीपुल लिविंग विथ HIV/AIDS सोसायटी द्वारा 25 नवंबर से 10 दिसंबर तक चल रहे 16 दिवसीय जेंडर आधारित हिंसा विरोधी एवं HIV/AIDS जागरूकता अभियान के तहत आज संविधान दिवस के अवसर पर फाउंडेशन के मुख्य कार्यालय में एक विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया।

कार्यक्रम की अध्यक्षता श्री लक्ष्मीकुण्ड फाउंडेशन की सह-निदेशिका ने की। इस दौरान फाउंडेशन के वित्त निदेशक श्री शनि कुमार रंजन ने संविधान की स्थापना, उद्देशिका तथा उसके मूल सिद्धांतों के बारे में विस्तारपूर्वक जानकारी दी। उन्होंने नागरिक अधिकारों, समानता और न्याय के महत्व पर भी प्रकाश डाला।

कार्यक्रम में कुल 46 महिला, पुरुष एवं बच्चों ने प्रतिभाग किया। प्रतिभागियों ने जेंडर आधारित हिंसा को रोकने, महिलाओं के अधिकारों को सुरक्षित करने तथा HIV/AIDS से जुड़ी भ्रांतियों को दूर करने के लिए रैली के रूप में जागरूकता संदेश दिए। इस दौरान “युवा पीढ़ी आगे आए HIV/AIDS को दूर भगाए”, “हम भारत की नारी हैं, फूल नहीं चिंगारी हैं”, “कल की सीता आज की नारी, नहीं रहेगी अब बेचारी”, “महिला हिंसा बंद करो” जैसे प्रभावशाली नारे लगाए गए।

कार्यक्रम का सफल संचालन फाउंडेशन के परियोजना कोऑर्डिनेटर श्री गौतम ने किया, जबकि धन्यवाद ज्ञापन नीता देवी द्वारा किया गया।


इस कार्यक्रम को सफल बनाने में बनारस नेटवर्क से संतोष कुमार, साधना, तथा श्री लक्ष्मीकुण्ड फाउंडेशन से मनोज कुमार, नीता देवी, मीना, विकास कुमार, इश्वरलाल, और आशिष जैन ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

आयोजकों ने कहा कि इस तरह के कार्यक्रम समाज में जागरूकता लाने और हिंसा मुक्त एवं स्वास्थ्य जागरूक समुदाय के निर्माण में अहम योगदान देते हैं।


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