सीधे मुख्य सामग्री पर जाएं

आदिवासी संस्कृति भारतीय समाज की अमूल्य धरोहर, प्रकृति से सह-अस्तित्व का संदेश | AARCC LIVE NEWS VARANASI



प्रकृति से सह-अस्तित्व और ‘हम’ की संस्कृति ही आदिवासी जीवन का आधार  

  रिपोर्ट:-आलोक चतुर्वेदी/सचिनदेव   


वाराणसी, 13 अगस्त। काशी हिन्दू विश्वविद्यालय के हिन्दी विभाग की ओर से गुरुवार को आचार्य रामचन्द्र शुक्ल सभागार में विश्व आदिवासी दिवस के उपलक्ष्य में संगोष्ठी एवं सांस्कृतिक उत्सव का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में आदिवासी संस्कृति, दर्शन, भाषा, प्रकृति से संबंध और समकालीन चुनौतियों पर वक्ताओं ने विचार रखे। इस अवसर पर विभिन्न सांस्कृतिक प्रस्तुतियां भी हुईं।



प्रसिद्ध आदिवासी चिंतक एवं कवयित्री वंदना टेटे ने कहा कि उनकी मातृभाषा खड़िया है और आदिवासी भाषाओं में ध्वनियों का भी अपना अर्थ होता है। उन्होंने कहा कि उनकी रचनाओं में केवल ‘मैं’ नहीं, बल्कि ‘हम’ की भावना है। यह ज्ञान पुरखों की वाचिक परंपरा के माध्यम से पीढ़ी-दर-पीढ़ी आगे बढ़ा है। आदिवासी सिद्धांत भले ही अलिखित रहे हों, लेकिन उनका पालन पीढ़ियों से होता आया है। उन्होंने कहा कि आदिवासी समाज सहभाव और समष्टि भाव के साथ चलता है। सहसंबंध का अर्थ निर्भरता नहीं, बल्कि एक-दूसरे के सम्मान और बराबरी का संबंध है। प्रकृति को सर्वोच्च नियंता बताते हुए उन्होंने कहा कि आदिवासी प्रकृतिवादी हैं और प्रकृति ही जीवन की सबसे बड़ी शिक्षक है। उन्होंने अपनी कविता ‘बेखौफ नदी’ का काव्यपाठ भी किया।




हिन्दी विभाग की विभागाध्यक्ष श्रद्धा सिंह ने कहा कि आदिवासी संस्कृति भारतीय समाज की अमूल्य धरोहर है, लेकिन इसके बावजूद आदिवासी समाज गहरे सभ्यता संकट से जूझ रहा है। देश का वास्तविक विकास तभी संभव है, जब आदिवासी शिल्प, कला और संस्कृति को मुख्यधारा में उचित स्थान मिले।

विशिष्ट वक्ता अश्विनी कुमार पंकज ने कहा कि अपनी स्वाभाविक वृत्ति को कृत्रिम बनाने से बचना होगा। औपनिवेशिकरण के कारण समाज अपनी मूल प्रवृत्तियों को भूलता जा रहा है। उन्होंने आदिवासी जीवन, स्थानीय भूगोल और प्रकृति के प्रति जिम्मेदारी को रेखांकित करते हुए कहा कि औपनिवेशिक दौर में आदिवासियों पर हिंसक अत्याचार भी हुए।






डॉ. ग्रेस डार्लिंग ने ‘Tribal Philosophy and Way of Life: Lessons for a Sustainable Future’ विषय पर विचार रखते हुए आदिवासी दर्शन में समानता, सामुदायिक जीवन, प्रकृति के सम्मान, सामुदायिक मूल्यों और आत्मनिर्भरता की परंपरा को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि आदिवासी समाज में आर्थिक असमानता की खाई अपेक्षाकृत कम रही है।

कार्यक्रम की प्रस्तावना रखते हुए हिन्दी विभाग के सहायक आचार्य डॉ. राज कुमार मीणा ने कहा कि विश्व आदिवासी दिवस का आयोजन विभाग में पिछले तीन वर्षों से किया जा रहा है और इसमें विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों की महत्वपूर्ण भूमिका रहती है। उन्होंने कहा कि आयोजन के माध्यम से आदिवासी संस्कृति के विविध रंगों को सामने लाने का प्रयास किया जाता है।



कार्यक्रम की शुरुआत परछाना संस्कृति के अनुसार अतिथियों और शिक्षकों के स्वागत से हुई। अतिथियों एवं शिक्षकों ने महामना मदन मोहन मालवीय और बिरसा मुंडा के चित्र पर पुष्प अर्पित किए। इसके बाद काशी हिन्दू विश्वविद्यालय का कुलगीत गाया गया। मंचस्थ अतिथियों का पौधा एवं असमिया गमछा भेंट कर सम्मान किया गया। स्वागत वक्तव्य हारा कान्ता ने दिया। कार्यक्रम का संचालन हिन्दी विभाग की शोधार्थी काजल कुमारी ने किया।

आयोजन में प्रो. विनय कुमार सिंह, प्रो. आशीष त्रिपाठी, प्रो. प्रभाकर सिंह, प्रो. आभा गुप्ता ठाकुर, प्रो. बिपिन कुमार, प्रो. सत्यपाल शर्मा, प्रो. रामाज्ञा राय, प्रो. किंगसन सिंह पटेल, प्रो. उर्वशी गहलौत, डॉ. प्रभात कुमार मिश्र, डॉ. प्रियंका सोनकर, डॉ. रवि शंकर सोनकर, डॉ. महेन्द्र प्रसाद कुशवाहा, डॉ. अशोक कुमार ज्योति, डॉ. विन्ध्याचल यादव सहित बड़ी संख्या में शोधार्थी एवं विद्यार्थी उपस्थित रहे। कार्यक्रम में आदिवासी संस्कृति से जुड़े विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने भी आकर्षण बढ़ाया।






टिप्पणियाँ

इस ब्लॉग से लोकप्रिय पोस्ट

आजमगढ़ के रुद्रप्रताप सिंह का स्पोर्ट्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया में चयन, जिले का बढ़ाया मान | AARCC LIVE NEWS VARANASI

आजमगढ़ के रुद्रप्रताप सिंह का स्पोर्ट्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया में चयन, जिले का बढ़ाया मान  रिपोर्ट/आलोक चतुर्वेदी / सचिन देव  आजमगढ़। जनपद आजमगढ़ के लिए गर्व की बात है कि तहसील मेहनगर के ग्राम गोपालपुर निवासी रुद्रप्रताप सिंह , पुत्र संदीप सिंह , का बास्केटबॉल खेल में स्पोर्ट्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया (SAI) के लिए चयन हुआ है। रुद्रप्रताप सिंह की इस उपलब्धि से उनके परिवार, गांव गोपालपुर, तहसील मेहनगर और पूरे जनपद में खुशी का माहौल है। उनकी सफलता का श्रेय उनके कठिन परिश्रम, अनुशासित जीवन, खेल के प्रति समर्पण तथा माता-पिता और प्रशिक्षकों के निरंतर मार्गदर्शन को दिया जा रहा है। रुद्रप्रताप सिंह की इस उपलब्धि पर क्षेत्र के गणमान्य नागरिकों, खेल प्रेमियों और शुभचिंतकों ने उन्हें बधाई एवं शुभकामनाएं दी हैं। सभी ने विश्वास जताया कि वे अपनी प्रतिभा और उत्कृष्ट प्रदर्शन के दम पर भविष्य में राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर आजमगढ़, उत्तर प्रदेश और देश का नाम रोशन करेंगे। रुद्रप्रताप सिंह का चयन जनपद के युवा खिलाड़ियों के लिए भी प्रेरणास्रोत माना जा रहा है। इससे क्षेत्र के अन्य खिलाड़ियों क...

गुरुपूर्णिमा महोत्सव 2026 का भव्य शुभारंभ, रामेश्वर मठ में उमड़ा श्रद्धालुओं का सैलाब | AARCC LIVE NEWS VARANASI

  गुरुपूर्णिमा महोत्सव का भव्य शुभारंभ, रामेश्वर मठ में उमड़ा श्रद्धालुओं का सैलाब रिपोर्ट/ आलोक चतुर्वेदी / सचिन देव  वाराणसी, 28 जुलाई। काशी स्थित श्री रामेश्वर मठ में गुरुपूर्णिमा महोत्सव 2026 का मंगलवार को वैदिक मंत्रोच्चार, पूजा-अर्चना और आध्यात्मिक वातावरण के बीच भव्य शुभारंभ हुआ। महोत्सव के प्रथम दिन देश के विभिन्न राज्यों के अलावा अमेरिका, कनाडा और दुबई सहित विदेशों से पहुंचे हजारों श्रद्धालुओं ने पूज्य गुरुदेव के दर्शन और सत्संग का लाभ लिया। इस अवसर पर काशी धर्म पीठाधीश्वर जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी नारायणानंद तीर्थ जी महाराज का चातुर्मास भी प्रारंभ हुआ, जो आगामी दो माह तक चलेगा। चातुर्मास के दौरान प्रतिदिन प्रातः एवं सायं सत्संग, धर्मोपदेश, भजन-कीर्तन और विशाल भंडारे का आयोजन किया जाएगा। प्रथम दिवस के सत्संग में जगद्गुरु शंकराचार्य ने गुरु-शिष्य परंपरा की महत्ता पर प्रकाश डालते हुए कहा कि गुरु केवल ज्ञान देने वाला नहीं, बल्कि शिष्य के जीवन का मार्गदर्शक, संस्कारों का संवाहक और आत्मकल्याण का पथ प्रदर्शक होता है। उन्होंने श्रद्धालुओं से धर्म, सेवा, साधना और भारतीय स...

ग्रामीण संस्कृति के संरक्षण और आत्मनिर्भर ग्राम व्यवस्था पर बीएचयू में मंथन | AARCC LIVE NEWS VARANASI

"ग्रामीण भारत में सांस्कृतिक   परिवर्तन" विषय पर विशेष   व्याख्यान का आयोजन    रिपोर्ट:-अलोक चतुर्वेदी/सचिनदेव   शब्दन फाउंडेशन, नई दिल्ली, प्रज्ञा प्रवाह तथा पंडित दीनदयाल उपाध्याय पीठ, सामाजिक विज्ञान संकाय, काशी हिन्दू विश्वविद्यालय के संयुक्त तत्वावधान में 17 जुलाई, 2026 को "ग्रामीण भारत में सांस्कृतिक परिवर्तन" विषय पर एक विशेष व्याख्यान का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में विभिन्न वक्ताओं ने भारतीय ग्रामीण संस्कृति, आत्मनिर्भर ग्राम व्यवस्था, अपशिष्ट प्रबंधन, सांस्कृतिक संरक्षण तथा समकालीन ग्रामीण चुनौतियों पर अपने विचार व्यक्त किए। कार्यक्रम का प्रारंभ करते हुए प्रो. गुरु प्रकाश सिंह ने भारतीय एवं पाश्चात्य, विशेषकर यूरोपीय ग्रामीण जीवन की तुलनात्मक समीक्षा प्रस्तुत की। उन्होंने कहा कि भारत विश्व का सर्वाधिक दुग्ध उत्पादक देश है, जबकि यहाँ दुग्ध उत्पादन का आधार मुख्यतः असंगठित डेयरी प्रणाली है, जहाँ अधिकांश परिवार दो से तीन पशुओं का पालन करते हैं। उन्होंने इसे भारतीय कृषि-आधारित सभ्यता एवं सामुदायिक जीवन की विशेषता बताते हुए कहा कि इसी मॉडल ने ...

वनिता इंस्टीट्यूट में चार दिवसीय ओरिएंटेशन संपन्न, फैशन विशेषज्ञों ने छात्राओं को दिए सफलता के सूत्र | AARCC LIVE NEWS VARANASI

वनिता इंस्टीट्यूट के ओरिएंटेशन में फैशन से लेकर स्वास्थ्य तक का मिला व्यावहारिक ज्ञान    रिपोर्ट/आलोक चतुर्वेदी / सचिन देव   वाराणसी, 18 जुलाई। लहुराबीर स्थित वनिता इंस्टीट्यूट ऑफ फैशन एंड डिजाइन (वनिता पॉलिटेक्निक) में शैक्षणिक सत्र 2026-27 के शुभारंभ पर चार दिवसीय ओरिएंटेशन कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य नवप्रवेशी छात्राओं को फैशन उद्योग, स्वास्थ्य जागरूकता, टेक्सटाइल डिजाइन, ब्रांडिंग एवं करियर की संभावनाओं से परिचित कराना रहा। कार्यक्रम के प्रथम दिवस संस्थान के संयोजक धवल प्रकाश ने कहा कि "फैशन केवल कपड़े पहनने का तरीका नहीं, बल्कि आत्म-अभिव्यक्ति, हमारी संस्कृति, सोच और सामाजिक स्थिति का दर्पण है। यह लोगों को जोड़ने के साथ आर्थिक और कलात्मक विकास में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।" वहीं वाराणसी के प्रसिद्ध डिजिटल क्रिएटर एवं फोटोग्राफर रजत गुप्ता ने छात्राओं को अपनी प्रतिभा और उपलब्धियों को दुनिया के सामने प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करने के लिए प्रेरित किया। जागरूकता सत्र के अंतर्गत आईएमएस, बीएचयू के डिपार्टमेंट ऑफ बायोकेमिस्ट्री के प्रमुख डॉ. कमल...

वाराणसी पहुंचे 'रक्तांचल सीज़न 3' के स्टार निकितिन धीर और क्रांति प्रकाश झा, 16 जुलाई से Amazon MX Player पर होगी मुफ्त स्ट्रीमिंग | AARCC LIVE NEWS VARANASI

वाराणसी की संस्कृति के रंग में रंगे 'रक्तांचल सीज़न 3' के सितारे, 16 जुलाई से होगी मुफ्त स्ट्रीमिंग रिपोर्ट/आलोक चतुर्वेदी / सचिन देव  वाराणसी। वेब सीरीज़ 'रक्तांचल सीज़न 3' की रिलीज़ से पहले इसके प्रमुख कलाकार निकितिन धीर और क्रांति प्रकाश झा ने वाराणसी की सांस्कृतिक विरासत, आध्यात्मिक वातावरण और बनारसी खानपान का अनुभव किया। दोनों कलाकारों ने शहर के प्रमुख धार्मिक और पर्यटन स्थलों का भ्रमण कर प्रशंसकों के साथ यादगार पल साझा किए। कलाकारों ने अपनी यात्रा की शुरुआत गोदौलिया स्थित प्रसिद्ध शंकर चाय वाला से की। इसके बाद वे नमो घाट पहुँचे, जहां गंगा में नौका विहार का आनंद लिया। शाम को उन्होंने दशाश्वमेध घाट की विश्व प्रसिद्ध गंगा आरती में भाग लिया। यात्रा के दौरान दोनों कलाकारों ने राम भंडार में नाश्ता किया, बाटी चोखा रेस्तरां में पारंपरिक बनारसी व्यंजनों का स्वाद चखा, बनारसी पान का आनंद लिया और अंत में श्री काशी विश्वनाथ मंदिर में दर्शन कर आशीर्वाद प्राप्त किया। वाराणसी की संस्कृति, परंपराओं और आत्मीयता से जुड़ा यह अनुभव कलाकारों के लिए बेहद खास रहा। स्थानीय लो...

बृजलैक्स मोटर्स में लॉन्च हुई Tata Sierra EV | 530KM रेंज, 18.79 लाख से कीमत | AARCC LIVE NEWS VARANASI

बृजलैक्स मोटर्स में लॉन्च हुई टाटा सिएरा ईवी, 530 किमी रेंज और अत्याधुनिक फीचर्स से ग्राहकों को मिलेगा नया अनुभव  रिपोर्ट/आलोक चतुर्वेदी / सचिन देव  वाराणसी। टाटा मोटर्स की इलेक्ट्रिक वाहन श्रृंखला के तहत बहुप्रतीक्षित सिएरा ईवी का शनिवार को बृजलैक्स मोटर्स में भव्य शुभारंभ किया गया। आधुनिक डिजाइन, अगली पीढ़ी की इलेक्ट्रिक तकनीक और स्मार्ट डिजिटल सुविधाओं से लैस यह एसयूवी ग्राहकों को सुरक्षित, आरामदायक और प्रीमियम ड्राइविंग अनुभव प्रदान करेगी। कंपनी के अनुसार सिएरा ईवी 510 से 530 किलोमीटर तक की वास्तविक ड्राइविंग रेंज प्रदान करती है। इसमें लाइफटाइम बैटरी वारंटी, एक्सप्रेस चार्जिंग सुविधा के तहत मात्र 15 मिनट में 263 किलोमीटर तक की रेंज, 504 न्यूटन मीटर टॉर्क और 306 पीएस की दमदार शक्ति उपलब्ध है। इसके अलावा वाहन में सेगमेंट का सबसे बड़ा पैनोरमिक सनरूफ, ट्रिपल डिजिटल स्क्रीन, डॉल्बी एटमॉस ऑडियो सिस्टम, हाइपर एआर हेड-अप डिस्प्ले, ऑटो पार्क, समन एवं रिवर्स असिस्ट, डिजी एक्सेस, 540 डिग्री एचडी कैमरा तथा चारों ओर ब्लाइंड स्पॉट व्यू जैसी अत्याधुनिक सुविधाएं दी गई हैं। सिएरा ईवी केवल ...

आयुर्वेदिक-यूनानी बोर्ड की निष्क्रियता के खिलाफ आंदोलन, 30 जुलाई से लखनऊ में प्रदेश स्तरीय धरना | AARCC LIVE NEWS VARANASI

  आयुर्वेदिक-यूनानी पैरामेडिकल संस्थाओं व छात्रों की समस्याओं को लेकर 30 जुलाई से लखनऊ में प्रदेशव्यापी धरना रिपोर्ट/आलोक चतुर्वेदी/सचिन देव  वाराणसी। आयुर्वेदिक तथा यूनानी तिब्बी चिकित्सा पद्धति बोर्ड उत्तर प्रदेश की कार्यप्रणाली और लंबे समय से बोर्ड के अक्रियाशील रहने को लेकर आयुर्वेदिक एवं यूनानी पैरामेडिकल संस्थाओं और छात्रों में आक्रोश है। इस संबंध में विभिन्न मांगों को लेकर 30 जुलाई 2026 से लखनऊ में प्रदेश स्तरीय धरना आयोजित करने की घोषणा की गई है। इस संबंध में मुख्यमंत्री को जिलाधिकारी वाराणसी के माध्यम से भेजे गए मांगपत्र में आरोप लगाया गया है कि आयुष विभाग के अधिकारियों की कथित निष्क्रियता और विधि विरुद्ध कार्यों के कारण बोर्ड लंबे समय से सुचारु रूप से कार्य नहीं कर पा रहा है। इससे बोर्ड से संबद्ध आयुर्वेदिक एवं यूनानी पैरामेडिकल संस्थानों, छात्रों और अन्य संबंधित लोगों को कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। मांगपत्र में कहा गया है कि उच्च न्यायालय के आदेश के बावजूद बोर्ड के कार्यों को सुचारु रूप से संचालित करने में अपेक्षित कार्रवाई नहीं की गई। प्रदर्शनकारियों ने ...

वाराणसी में एडवांस स्पाइन एंडोस्कोपी वर्कशॉप का सफल आयोजन, देशभर के विशेषज्ञ चिकित्सकों ने लिया प्रशिक्षण | AARCC LIVE NEWS VARANASI

 वाराणसी में एडवांस स्पाइन एंडोस्कोपी वर्कशॉप का सफल आयोजन, देशभर से विशेषज्ञ चिकित्सकों ने लिया प्रशिक्षण  आधुनिक तकनीकों और लाइव सर्जरी के माध्यम से चिकित्सकों को दिया गया स्पाइन एंडोस्कोपी का व्यावहारिक प्रशिक्षण रिपोर्ट/आलोक चतुर्वेदी / सचिन देव  वाराणसी। रीढ़ की बीमारियों के आधुनिक और न्यूनतम चीरा आधारित उपचार को बढ़ावा देने की दिशा में वाराणसी में 25 एवं 26 जुलाई 2026 को एडवांस स्पाइन एंडोस्कोपी वर्कशॉप का सफल आयोजन किया गया। वर्कशॉप का आयोजन वरिष्ठ स्पाइन एंडोस्कोपी विशेषज्ञ डॉ. सुशील कुमार जायसवाल के मार्गदर्शन में किया गया। कार्यक्रम में देश के विभिन्न राज्यों से आए विशेषज्ञ चिकित्सकों ने हिस्सा लिया और स्पाइन एंडोस्कोपी की नवीनतम तकनीकों का व्यावहारिक प्रशिक्षण प्राप्त किया। वर्कशॉप में ग्वालियर से आए वरिष्ठ स्पाइन विशेषज्ञ डॉ. संतोष त्रिपाठी ने गेस्ट फैकल्टी के रूप में प्रतिभागियों को आधुनिक तकनीकों और जटिल स्पाइन एंडोस्कोपिक प्रक्रियाओं की बारीकियों से अवगत कराया। कार्यक्रम के मुख्य सचिव डॉ. अंशुल अग्रवाल (इंदौर) तथा सहायक सचिव डॉ. शुभेंदु सिंह (गोरखपुर) रहे...

माँ ज्वालामुखी मंदिर विवाद: समिति ने आरोपों पर रखे तथ्य, 2005 से 2023 तक की जांच का हवाला | AARCC LIVE NEWS VARANASI /SONBHADRA

  माँ ज्वालामुखी मंदिर विवाद पर संचालन समिति ने रखा अपना पक्ष बकाया किराये और मंदिर संपत्ति को लेकर आरोपों पर समिति ने रखे दस्तावेज, 2005 से 2023 तक की जांच का दिया हवाला   रिपोर्ट:-आलोक चतुर्वेदी/सचिनदेव    शक्तिनगर, सोनभद्र। माँ ज्वालामुखी भगवती संचालन समिति, शक्तिनगर ने मंदिर प्रबंधन, मंदिर संपत्ति और प्रधान पुजारी पं. श्लोकी प्रसाद मिश्रा को लेकर लगाए जा रहे आरोपों पर प्रेस वार्ता कर अपना पक्ष रखा। समिति ने बकाया किराये, मंदिर परिसर की संपत्ति तथा पूर्व में हुई जांचों और प्रशासनिक कार्रवाइयों से संबंधित दस्तावेजों का हवाला देते हुए कहा कि मंदिर से जुड़े मामलों में सभी पक्षों को सुनकर तथ्यों के आधार पर निष्पक्ष कार्रवाई होनी चाहिए। समिति के अनुसार मंदिर की भूमि गाटा संख्या 536, रकबा 0.52 डिसमिल पर मंदिर समिति द्वारा दुकान का निर्माण कराया गया था। समिति का आरोप है कि उक्त दुकान रामलखन मिश्रा द्वारा अपने पौत्र हेमंत मिश्रा को समिति से विधिवत राय-मशविरा या बैठक की अनुमति के बिना दे दी गई। समिति ने दावा किया कि दुकान का किराया लंबे समय से बकाया है और वर्तमान में करी...

श्रावण मेले की व्यवस्थाओं पर काशी व्यापार प्रतिनिधिमंडल 'न्याय मंच' ने पुलिस प्रशासन से किया संवाद | AARCC LIVE NEWS VARANASI

  श्रावण मास की व्यवस्थाओं को   लेकर काशी व्यापार  प्रतिनिधिमंडल 'न्याय मंच' ने  एसीपी दशाश्वमेध को दिए   सुझाव     रिपोर्ट:-अलोक चतुर्वेदी/सचिनदेव      वाराणसी। काशी व्यापार प्रतिनिधिमंडल 'न्याय मंच' का एक प्रतिनिधिमंडल श्रावण मास के दौरान होने वाली प्रशासनिक व्यवस्थाओं के संबंध में एसीपी दशाश्वमेध से मिला। इस दौरान प्रतिनिधिमंडल ने सुरक्षा एवं यातायात व्यवस्था की जानकारी प्राप्त की तथा व्यापारियों और स्थानीय नागरिकों की सुविधा के लिए कई महत्वपूर्ण सुझाव भी दिए। प्रतिनिधिमंडल ने मांग की कि गेट नंबर-1 के अंदर स्थित नीची ब्रह्मपुरी एवं कोतवालपुरा क्षेत्र के लगभग 65 मकानों में रहने वाले 500 से अधिक स्थानीय निवासियों को आधार कार्ड अथवा अन्य वैध पहचान पत्र के आधार पर आने-जाने की अनुमति दी जाए, ताकि उन्हें अनावश्यक परेशानी का सामना न करना पड़े। इसके अतिरिक्त प्रतिनिधिमंडल ने सभी सम्मानित व्यापारियों को सम्मानपूर्वक आवागमन की सुविधा उपलब्ध कराने तथा गंभीर मरीजों को अस्पताल ले जाने के लिए आवश्यक वाहनों को अनुमति देने का भी अनुरोध...