वाराणसी में 16वां द्विवार्षिक सम्मेलन संपन्न, भूतपूर्व सैनिकों ने उठाई पेंशन और आरक्षण की माँग | AARCC LIVE NEWS VARANASI
अखिल भारतीय एलआईसी भूतपूर्व सैनिक कर्मचारी कल्याण संघ
एलआईसी में पुनर्नियोजित भूतपूर्व सैनिकों के हक़ और कल्याण की आवाज़ – 1993 से।
संघ का परिचय
अखिल भारतीय एलआईसी भूतपूर्व सैनिक कर्मचारी कल्याण संघ (All India LIC Ex-Servicemen Employees Welfare Association) की स्थापना वर्ष 1993 में हुई थी। तब से यह भारतीय जीवन बीमा निगम (LIC) में पुनर्नियोजित भूतपूर्व सैनिकों के कल्याण से जुड़े मुद्दों पर काम कर रहा है।
सेवारत और सेवानिवृत्त दोनों कर्मचारियों से जुड़े मामले संबंधित अधिकारियों के सामने उठाए जाते हैं: वित्तीय सेवा विभाग (DFS), महानिदेशालय पुनर्वास (DGR), भूतपूर्व सैनिक कल्याण विभाग (DESW), पेंशन और पेंशनभोगी कल्याण विभाग (DOPPW), भारत सरकार की अन्य एजेंसियाँ तथा केंद्रीय कार्यालय, एलआईसी ऑफ इंडिया, मुंबई।
रक्षा कर्मियों के पुनर्वास के महत्व को समझते हुए भारत सरकार ने 1958 में ही उपयुक्त निर्देश जारी किए थे। फिर भी भूतपूर्व सैनिकों के साथ भेदभावपूर्ण व्यवहार के कारण नीति का उचित कार्यान्वयन नहीं हो पाया और उन्हें आज भी काफी संघर्ष करना पड़ रहा है।
16वां द्विवार्षिक सम्मेलन
संघ का 16वां द्विवार्षिक सम्मेलन 03 अक्टूबर 2026 को होटल सर्वेश्वरी, वाराणसी में सफलतापूर्वक आयोजित हुआ। देश भर से आए सदस्यों ने मंच से रखे गए विचार सुने और संघ के आगे के कार्यों पर चर्चा की।
प्रमुख मुद्दे
भूतपूर्व सैनिकों के जो मौजूदा मुद्दे संघ द्वारा प्रबंधन के समक्ष उठाए जा रहे हैं:
- प्रावधानित 14.5% आरक्षण के अनुसार भर्ती
- भर्ती, पदोन्नति (प्रमोशन) और स्थानांतरण (ट्रांसफर) के लिए आयु सीमा में छूट
- भारतीय जीवन बीमा निगम द्वारा 1989 में जारी दिशा-निर्देशों के अनुसार वेतन संरक्षण (पे प्रोटेक्शन)
- छूटे हुए सेवानिवृत्त लोगों (LEFT OVER retirees) के लिए एक और पेंशन का अवसर
- 20 वर्ष की सेवा पूरी होने पर पूर्ण पेंशन
- तकनीकी भत्ते (Technical Allowances) का प्रावधान
इनके साथ अन्य भूतपूर्व सैनिकों से संबंधित मुद्दे भी उठाए जा रहे हैं।
सम्मेलन की झलकियाँ
महासचिव
अखिल भारतीय एलआईसी भूतपूर्व सैनिक कर्मचारी कल्याण संघ (AILICEEA)







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