बनारस के किसलय राय ने इंग्लैंड में रचा सफलता का इतिहास
आयरनमैन लीड्स प्रतियोगिता पूरी कर बढ़ाया गाजीपुर और उत्तर प्रदेश का मान, भारत से सिर्फ दो प्रतिभागी हुए सफल
बनारस। गाजीपुर जिले के किसलय राय ने इंग्लैंड के लीड्स में आयोजित आयरनमैन लीड्स-2026 प्रतियोगिता को सफलतापूर्वक पूरा कर बनारस, गाजीपुर और उत्तर प्रदेश का मान बढ़ाया है। 16 अगस्त 2026 को सुबह सात बजे शुरू हुई यह बेहद कठिन प्रतियोगिता रात 10 बजकर 10 मिनट पर समाप्त हुई। प्रतिभागियों को निर्धारित समय के भीतर 3.8 किलोमीटर तैराकी, 183 किलोमीटर साइकिल दौड़ और 42.2 किलोमीटर पैदल दौड़ पूरी करनी थी।
प्रतियोगिता को अधिकतम 17 घंटे में पूरा करना था। तकनीकी कठिनाइयों के कारण प्रतियोगिता करीब 15 घंटे 10 मिनट में पूरी हुई। लगभग 10 देशों के 1500 प्रतिभागियों ने इसमें हिस्सा लिया, लेकिन कई प्रतिभागी पूरी दूरी तय नहीं कर सके।
भारत के तीन प्रतिभागियों में सिर्फ दो सफल
प्रतियोगिता में भारत से कुल तीन प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया था, जिनमें से सिर्फ दो प्रतिभागी सफलतापूर्वक अंतिम रेखा तक पहुंच सके। किसलय राय ने कठिन परिस्थितियों के बावजूद पूरी प्रतियोगिता सफलतापूर्वक पूरी की।
183 किलोमीटर साइकिल दौड़ में आईं कई मुश्किलें
किसलय राय ने 183 किलोमीटर की साइकिल दौड़ आठ घंटे 20 मिनट में पूरी की। इस दौरान करीब 2.5 किलोमीटर की चढ़ाई का सामना करना पड़ा। साइकिल चलाते समय उनकी साइकिल की चेन कई बार उतर गई, जिससे मुश्किलें और बढ़ गईं।
खास बात यह रही कि किसलय ने प्रतियोगिता के लिए साइकिल स्थानीय स्तर पर ही किराये पर ली थी। मार्ग में करीब 1.5 किलोमीटर के हिस्से में 110 मीटर की खड़ी चढ़ाई भी पार करनी थी। यह चुनौतीपूर्ण हिस्सा ब्लैक हिल्स में था, जो वर्ष 2018 में आयोजित टूर डी यॉर्कशायर जैसी अंतरराष्ट्रीय साइकिल प्रतियोगिता का हिस्सा रह चुका है।
छह घंटे दस मिनट में पूरी की 42.2 किलोमीटर दौड़
साइकिल दौड़ पूरी करने के बाद किसलय ने 42.2 किलोमीटर की पैदल दौड़ भी पूरी की। इस दौरान करीब 500 मीटर की ऊंचाई चढ़नी थी। उन्होंने इस दूरी को छह घंटे 10 मिनट में पूरा किया।
सिर्फ तीन महीने की विशेष तैयारी
किसलय राय के मुताबिक उन्होंने आयरनमैन प्रतियोगिता की विशेष तैयारी सिर्फ तीन महीने पहले शुरू की थी। हालांकि खेलों के प्रति उनकी पहले से रुचि रही है और विभिन्न खेल गतिविधियों में लगातार भाग लेने का अनुभव उन्हें इस कठिन चुनौती को पूरा करने में काफी मददगार साबित हुआ।
इससे पहले फरवरी 2025 में नागपुर में आयोजित मोइल टाइगरमैन प्रतियोगिता में भी किसलय राय हिस्सा ले चुके हैं और उसे सफलतापूर्वक पूरा किया था।
सूखे मेवों से तैयार किया पोषण जेल
प्रतियोगिता के दौरान अधिकांश प्रतिभागी प्रोटीन बार और ऊर्जा जेल का इस्तेमाल कर रहे थे। वहीं किसलय ने अपनी ऊर्जा बनाए रखने के लिए सूखे मेवों से तैयार पोषण जेल का इस्तेमाल किया। कई घंटों तक चलने वाली इस कठिन प्रतियोगिता में यह उनकी ऊर्जा का प्रमुख साधन रहा।
किसलय राय का कहना है कि भारत में अभी आयरनमैन जैसी कठिन सहनशक्ति प्रतियोगिताओं को लेकर जागरूकता काफी कम है। उनके मुताबिक ऐसी प्रतियोगिताएं केवल शारीरिक क्षमता की परीक्षा नहीं लेतीं, बल्कि मानसिक मजबूती, धैर्य और लक्ष्य के प्रति लगातार समर्पित रहने की क्षमता को भी परखती हैं।
गाजीपुर के पाली गांव से है परिवार
किसलय राय के पिता डॉ. मनोज राय हैं। उनके दादा माधवेंद्र राय (बालाजी) हैं। छोटे दादा जितेंद्र नारायण राय और नेडु राय हैं। किसलय राय का परिवार मूल रूप से उत्तर प्रदेश के गाजीपुर जिले का रहने वाला है। उनका पैतृक गांव पाली, तहसील कासिमाबाद, जिला गाजीपुर में स्थित है।
किसलय की इस उपलब्धि से उनके परिवार, गांव और क्षेत्र में खुशी का माहौल है। उनकी सफलता युवाओं के लिए मेहनत, धैर्य और लक्ष्य के प्रति समर्पण की प्रेरणा बनी है।













टिप्पणियाँ