बीएचयू में भारत इनोवेशन कॉन्क्लेव 2.0 का शुभारंभ
अटल इनक्यूबेशन सेंटर में बीएफएसआई एसएससी के सेंटर ऑफ एक्सीलेंस का उद्घाटन
रिपोर्ट:-आलोक चतुर्वेदी/सचिनदेव
वाराणसी। काशी हिंदू विश्वविद्यालय में विचार, नवाचार और उद्यमिता को एक मंच पर लाने वाले दो दिवसीय भारत इनोवेशन कॉन्क्लेव 2.0 का शुक्रवार को स्वतंत्रता भवन में शुभारंभ हुआ। अटल इनक्यूबेशन सेंटर, प्रबंधन शास्त्र संस्थान, बीएचयू की ओर से आयोजित कॉन्क्लेव की इस वर्ष की थीम ‘फ्रॉम आइडियाज़ टू इम्पैक्ट : ट्रांसफॉर्मिंग इनोवेशन इंटू नेशन-बिल्डिंग’ है।
उद्घाटन समारोह में बीएचयू के कुलपति प्रो. अजित कुमार चतुर्वेदी ने कहा कि शोध और नवाचार विकास के महत्वपूर्ण आधार हैं, लेकिन वास्तविक चुनौती शोध से प्राप्त परिणामों और नवाचारों को व्यवहार्य कंपनियों तथा स्टार्टअप में परिवर्तित करने की है। उन्होंने रोजगार सृजन और आर्थिक विकास में इनक्यूबेशन तथा उद्यमिता की भूमिका को महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने युवाओं को जोखिम लेने, असफलता की संभावना को स्वीकार करने और व्यवहार्य समाधानों के लिए निरंतर प्रयास करने के लिए प्रोत्साहित किया।
भारत इनोवेशन कॉन्क्लेव के अध्यक्ष डॉ. राजकिरण प्रभाकर ने कहा कि बीआईसी 2.0 विचार, संस्थानों, उद्योग, नवाचार और उद्यमिता को जोड़ने वाला मंच है। उन्होंने अटल इनक्यूबेशन सेंटर की भूमिका को ज्ञान और उद्यम, शोध और व्यावसायीकरण तथा शिक्षा और बाजार की वास्तविकताओं के बीच सेतु के रूप में रेखांकित किया।
विशिष्ट अतिथि डॉ. एल.बी.एस. यादव, संयुक्त निदेशक, सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्रालय, उत्तर प्रदेश सरकार ने उद्यमिता विकास में एमएसएमई क्षेत्र की भूमिका पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि नवाचार केवल नई वस्तु या तकनीक विकसित करना नहीं है, बल्कि मौजूदा उत्पादों में सुधार, लागत में कमी, गुणवत्ता बढ़ाना, नई तकनीकों को अपनाना और नए बाजारों तक पहुंच बनाना भी इसका हिस्सा है। उन्होंने एमएसएमई के लिए उपलब्ध विभिन्न सरकारी योजनाओं और कौशल विकास, तकनीकी उन्नयन, वित्त एवं बाजार से जुड़ी पहलों की जानकारी दी।
प्रो. राजीव वार्ष्णेय, निदेशक, इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ कार्पेट टेक्नोलॉजी, भदोही ने युवाओं की रचनात्मकता और नवाचार को देश के आर्थिक विकास से जोड़ने की आवश्यकता बताई। वहीं श्री रवि शंकर पांडेय, कंसल्टेंट, सूचना प्रौद्योगिकी एवं इलेक्ट्रॉनिक्स विभाग, उत्तर प्रदेश सरकार ने प्रदेश की स्टार्टअप नीति और उभरते उद्यमियों के लिए उपलब्ध अवसरों की जानकारी दी। उन्होंने डीप-टेक नवाचार तथा यू-हब की भूमिका पर भी प्रकाश डाला।
कार्यक्रम में श्री ऋषि धारीवाल ने ‘स्किलिंग इंडिया’ज बीएफएसआई वर्कफोर्स फॉर द स्टार्ट-अप इकॉनमी’ विषय पर विशेष संबोधन दिया। प्रबंधन शास्त्र संस्थान के निदेशक प्रो. आशीष बाजपेयी ने स्वागत संबोधन किया। संचालन अटल इनक्यूबेशन सेंटर की मैनेजर-इन-चार्ज डॉ. परीशा मालू ने तथा धन्यवाद ज्ञापन प्रोफेसर-इन-चार्ज प्रो. पी.वी. राजीव ने किया।
कॉन्क्लेव का प्रमुख आकर्षण अटल इनक्यूबेशन सेंटर, बीएचयू में बैंकिंग, फाइनेंशियल सर्विसेज एंड इंश्योरेंस सेक्टर स्किल काउंसिल ऑफ इंडिया (बीएफएसआई एसएससी) के सेंटर ऑफ एक्सीलेंस का उद्घाटन रहा। इससे शिक्षा, कौशल विकास और बीएफएसआई उद्योग के बीच समन्वय तथा उद्योग-केंद्रित कौशल विकास के अवसरों को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।
18 और 19 सितंबर को आयोजित कॉन्क्लेव में एक्सपो जोन, पिचिंग, पैनल चर्चा, इन्वेस्टर कनेक्ट और नेटवर्किंग सत्र आयोजित किए जा रहे हैं। इसमें 50 से अधिक वक्ता भाग ले रहे हैं। स्टार्टअप और नवप्रवर्तकों को निवेशकों, उद्योग प्रतिनिधियों तथा अन्य हितधारकों से संवाद का अवसर मिल रहा है। विभिन्न क्षेत्रों में नवाचार को मान्यता देने के लिए भारत इनोवेशन अवॉर्ड्स भी आयोजित किए जा रहे हैं।














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