तीज मिलन समारोह में गूंजी कजरी की मिठास, लोक संस्कृति और परंपराओं से सजा आयोजन
रिपोर्ट/आलोक चतुर्वेदी / सचिन देव
वाराणसी, 30 अगस्त 2026। सर्व ब्राह्मण महासभा महिला मंच, वाराणसी के तत्वावधान में रविवार को भव्य तीज मिलन समारोह का आयोजन किया गया। समारोह में कजरी गायन, नृत्य और विभिन्न सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के माध्यम से पूर्वांचल की समृद्ध लोक संस्कृति एवं पारंपरिक विरासत को जीवंत किया गया। महिलाओं ने उत्साहपूर्वक कार्यक्रम में भाग लेते हुए तीज पर्व की उमंग और उल्लास को साझा किया।
कार्यक्रम की शुरुआत मुख्य अतिथि प्रो. उमा त्रिपाठी, पूर्व संकाय अध्यक्ष, रानी दुर्गावती विश्वविद्यालय, जबलपुर (मध्य प्रदेश) द्वारा भगवान परशुराम के चित्र पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुई। इसके बाद श्रीमती सुमन द्विवेदी एवं श्रीमती सुषमा शुक्ला ने मंगलाचरण प्रस्तुत किया।
लोक संगीत और परंपराओं के संरक्षण पर जोर
मुख्य अतिथि प्रो. उमा त्रिपाठी ने कहा कि लोक संगीत और लोक परंपराएं हमारी सांस्कृतिक पहचान का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं। आधुनिकता के दौर में इन परंपराओं के संरक्षण की आवश्यकता पहले से कहीं अधिक बढ़ गई है। उन्होंने विशेष रूप से कजरी गीतों के प्रचार-प्रसार और नई पीढ़ी को इससे जोड़ने पर जोर दिया। उन्होंने तीज मिलन समारोह के सफल आयोजन के लिए आयोजकों को शुभकामनाएं दीं।
इस अवसर पर सर्व ब्राह्मण महासभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष पं. कमलाकांत उपाध्याय ने कजरी के गौरवपूर्ण इतिहास और पूर्वांचल की लोक परंपराओं के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि लोक संस्कृति किसी भी समाज की पहचान और उसकी जड़ों से जुड़ाव का माध्यम होती है। इसे सुरक्षित रखना और आने वाली पीढ़ी तक पहुंचाना सभी का दायित्व है।
उन्होंने कार्यक्रम में उपस्थित सभी अतिथियों का स्वागत एवं अभिनंदन किया। अतिथियों को माल्यार्पण कर अंगवस्त्रम एवं स्मृति-चिह्न प्रदान कर सम्मानित किया गया।
विशिष्ट अतिथियों की रही उपस्थिति
समारोह में प्रोफेसर मनु लता शर्मा, डॉ. मंजू लता त्रिपाठी अति विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहीं। वहीं डॉ. ममता तिवारी, प्रोफेसर लता दुबे, श्रीमती सुमन अग्निहोत्री, सरस्वती तिवारी एवं डॉ. पूनम रानी शुक्ला ने विशिष्ट अतिथि के रूप में कार्यक्रम की गरिमा बढ़ाई।
कार्यक्रम के दौरान श्रीमती कविता उपाध्याय, सुश्री हर्षिता पाठक, डॉ. अर्चना गोस्वामी, श्रीमती अन्जू चौबे, श्रीमती सुषमा शुक्ला एवं श्रीमती रंजना राय को सम्मानित किया गया।
ज्ञानवर्धक प्रतियोगिता में प्रतिभागियों ने दिखाया उत्साह
समारोह में श्रीमती सुमन अग्निहोत्री द्वारा ज्ञानवर्धक प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। प्रतियोगिता में प्रतिभागियों ने उत्साह के साथ हिस्सा लिया। विजयी समूह को भगवान परशुराम का स्मृति-चिह्न प्रदान कर सम्मानित किया गया।
इसके साथ ही कजरी गायन प्रतियोगिता समारोह का प्रमुख आकर्षण रही। इसमें श्रीमती रंजना राय, कु. शिवानी तिवारी, श्रीमती पूजा मिश्रा, कु. सुरभि सहित अन्य प्रतिभागियों ने अपनी मधुर प्रस्तुतियों से कार्यक्रम में लोक संगीत की रंगत बिखेर दी। कजरी की पारंपरिक धुनों ने समारोह में मौजूद लोगों को पूर्वांचल की लोक संस्कृति से जोड़ दिया।
नृत्य प्रस्तुतियों ने बांधा समां
नृत्य प्रतियोगिता में भी प्रतिभागियों ने शानदार प्रस्तुतियां देकर सभी का मन मोह लिया। पारंपरिक गीतों और नृत्य की प्रस्तुतियों के बीच तीज पर्व की खुशियां और महिलाओं का उत्साह देखते ही बना। पूरे आयोजन के दौरान सांस्कृतिक रंग और उत्सव का माहौल बना रहा।
समस्त कार्यक्रम का संयोजन सर्व ब्राह्मण महासभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष पं. कमलाकांत उपाध्याय द्वारा किया गया। समारोह में पं. राजेश पाठक, कृष्णानंद चौबे, डॉ. अरुण कुमार उपाध्याय, हेरम्ब मिश्रा सहित अनेक गणमान्यजन उपस्थित रहे।
आयोजकों ने कहा कि तीज मिलन समारोह का उद्देश्य केवल पर्व की खुशियां साझा करना ही नहीं, बल्कि कजरी गायन, लोक संगीत, नृत्य और पूर्वांचल की समृद्ध लोक परंपराओं को संरक्षित कर नई पीढ़ी तक पहुंचाना भी है। इस दृष्टि से सर्व ब्राह्मण महासभा महिला मंच का यह आयोजन सांस्कृतिक संरक्षण की दिशा में महत्वपूर्ण पहल के रूप में सामने आया।
















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