माँ भीमचंडी देवी का भव्य प्राकट्योत्सव धूमधाम से संपन्न, चतुर्वेद मंत्र जागरण रहा विशेष आकर्षण | AARCC LIVE NEWS VARANASI
माँ भीमचंडी देवी का भव्य प्राकट्योत्सव धूमधाम से संपन्न, चतुर्वेद मंत्र जागरण रहा विशेष आकर्षण
वाराणसी। काशी की धार्मिक एवं आध्यात्मिक परंपरा से जुड़े माँ भीमचंडी देवी प्राकट्योत्सव का आयोजन रविवार, 30 अगस्त 2026 को भाद्रपद कृष्ण द्वितीया के पावन अवसर पर बड़े ही हर्षोल्लास और भक्तिभाव के साथ किया गया। माँ भीमचंडी देवी जन्मोत्सव आयोजन समिति, वाराणसी के तत्वावधान में आयोजित इस धार्मिक आयोजन में दिनभर विभिन्न वैदिक एवं आध्यात्मिक अनुष्ठानों का क्रम चलता रहा।
कार्यक्रम का शुभारंभ गौ पूजन से हुआ। इसके पश्चात श्रीरामचरितमानस अखंड पाठ, देवी-देवताओं का अभिषेक तथा अन्य वैदिक अनुष्ठान संपन्न कराए गए। वैदिक मंत्रोच्चार और धार्मिक अनुष्ठानों से पूरा परिसर भक्तिमय वातावरण में सराबोर रहा।
रुद्रचंडी यज्ञ और महाआरती में उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़
प्राकट्योत्सव के अवसर पर रुद्रचंडी यज्ञ, हवन एवं पूर्णाहुति का आयोजन किया गया। यज्ञ में श्रद्धालुओं ने सहभागिता करते हुए मां से सुख, समृद्धि और परिवार की मंगलकामना की। इसके बाद आयोजित भजन संध्या में कलाकारों ने देवी भक्ति से जुड़े भजनों की प्रस्तुति देकर वातावरण को आध्यात्मिक रंग में रंग दिया।
कार्यक्रम का प्रमुख आकर्षण भगवती महाआरती रही। आरती के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे और जयकारों से पूरा परिसर गूंज उठा। इसके उपरांत विशाल भंडारे का आयोजन किया गया, जिसमें श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया।
चारों वेदों की गुप्त शाखाओं के मंत्र पाठ ने खींचा ध्यान
प्राकट्योत्सव की सबसे विशिष्ट विशेषताओं में ‘चतुर्वेद वसंत पूजन मंत्र जागरण’ रहा। आयोजन के दौरान चारों वेदों की अत्यंत गुप्त शाखाओं के प्रायोगिक एवं प्रत्यक्ष मंत्र पाठ का आयोजन किया गया। वैदिक मंत्रों की गूंज ने श्रद्धालुओं को विशेष आध्यात्मिक अनुभूति कराई।
कार्यक्रम संयोजक आचार्य वैदिक पं. अमित कुमार पाण्डेय काशी ने बताया कि मां भीमचंडी देवी का मंदिर काशी की पंचक्रोशी यात्रा के क्रम में द्वितीय पड़ाव के रूप में महत्वपूर्ण स्थान रखता है। मान्यता है कि देवी मां के सान्निध्य से जनमानस को जीवन के महत्वपूर्ण क्षेत्रों में विजय और मंगल की प्राप्ति होती है।
चारों पीठों के शंकराचार्यों का आशीर्वचन, राज्यपालों के शुभकामना संदेश
आयोजकों के अनुसार, प्राकट्योत्सव के आयोजन के लिए सनातन धर्म की चारों पीठों के शंकराचार्यों का आशीर्वचन प्राप्त हुआ। वहीं अरुणाचल प्रदेश एवं कर्नाटक के राज्यपालों की ओर से भी शुभकामना संदेश प्रेषित किए गए।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में उत्तर प्रदेश के आयुष मंत्री डॉ. दयाशंकर मिश्र ‘दयालु गुरु’, काशी विश्वनाथ मंदिर के प्रमुख कार्यपालक विश्वभूषण मिश्र, श्री महंत अन्नपूर्णा मंदिर, प्रधान अर्चक चिंतामणी गणेश मंदिर सहित क्षेत्रीय विधायक एवं अन्य गणमान्यजन उपस्थित रहे।
विभिन्न संस्थाओं ने दिया सहयोग
आयोजन को सफल बनाने में शारदा ग्लोबल इवेंट्स प्रा. लि., जय माता दी चैरिटेबल ट्रस्ट गंगापुर, श्री काशी क्षेत्र पंचक्रोशी जीर्णोद्धार समिति, श्री गणेशोत्सव सेवा समिति, नारायण शिक्षण संस्थान तथा श्री राज-राजेश्वरी फाउंडेशन, श्रीक्षेत्र-काशी का सहयोग रहा।
आयोजन समिति के संरक्षक महेश चैतन्य ब्रह्मचारी, चल्ला सुब्बाराव शास्त्री, गोपाल जी मिश्र एवं अर्चक संजय जी मिश्र रहे। राजेश प्रजापति ने कोषाध्यक्ष की जिम्मेदारी निभाई। कार्यक्रम संयोजक आचार्य वैदिक पं. अमित कुमार पाण्डेय काशी के साथ पं. अभिषेक चौबे एवं पं. मोहन दुबे ने आयोजन की व्यवस्थाओं में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
कार्यक्रम में संजय मिश्रा, राजेश प्रजापति, सावन मिश्रा, रामजी चौहान, आशीष केशरी एवं संदीप प्रजापति सहित आयोजन से जुड़े अनेक कार्यकर्ता और श्रद्धालु उपस्थित रहे।
धार्मिक अनुष्ठानों, वैदिक मंत्रोच्चार, भजन संध्या, महाआरती और विशाल भंडारे के साथ माँ भीमचंडी देवी का प्राकट्योत्सव श्रद्धा एवं उल्लास के वातावरण में संपन्न हुआ।

















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