हॉस्टल आवंटन और ऑनलाइन अवकाश आवेदन अब होगा आसान, बीएचयू में समर्थ पोर्टल प्रशिक्षण संपन्न | AARCC LIVE NEWS VARANASI
बीएचयू में 'समर्थ पोर्टल' पर द्वितीय प्रशिक्षण कार्यक्रम संपन्न, कर्मचारियों को मिला हॉस्टल आवंटन और ऑनलाइन अवकाश आवेदन का व्यावहारिक प्रशिक्षण
रिपोर्ट:-आलोक चतुर्वेदी/सचिनदेव
वाराणसी। काशी हिन्दू विश्वविद्यालय (बीएचयू) के क्षमता निर्माण प्रकोष्ठ द्वारा विश्वविद्यालय के कर्मचारियों के डिजिटल कौशल को सुदृढ़ करने की दिशा में "समर्थ पोर्टल: हॉस्टल आवंटन एवं अवकाश आवेदन" विषय पर द्वितीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का सफल आयोजन प्रबंधन संस्थान की कंप्यूटर प्रयोगशाला में किया गया।कार्यक्रम का उद्देश्य कर्मचारियों को समर्थ पोर्टल के माध्यम से हॉस्टल आवंटन एवं ऑनलाइन अवकाश आवेदन की पूरी प्रक्रिया का व्यवहारिक प्रशिक्षण प्रदान करना था।
प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों को स्वयं समर्थ पोर्टल पर कार्य करने का अवसर दिया गया,जिससे उन्हें ऑनलाइन प्रक्रियाओं का व्यावहारिक अनुभव प्राप्त हुआ।इस सत्र में विश्वविद्यालय के विभिन्न संकायों एवं प्रशासनिक इकाइयों से 33 कर्मचारियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।
क्षमता निर्माण प्रकोष्ठ के अनुसार प्रशिक्षण के लिए प्राप्त नामांकन निर्धारित सीटों से लगभग दोगुने थे। प्रतिभागियों की बढ़ती रुचि को देखते हुए प्रशिक्षण को दो चरणों में आयोजित किया गया। पहला प्रशिक्षण 25 जुलाई और दूसरा 30 जुलाई 2026 को आयोजित किया गया, जिससे सभी पंजीकृत प्रतिभागियों को हैंड्स-ऑन प्रशिक्षण का अवसर मिल सका।
कार्यक्रम के संसाधन व्यक्ति सहायक कुलसचिव (समर्थ) मनोज कुमार गुप्ता ने प्रतिभागियों को समर्थ पोर्टल के हॉस्टल आवंटन एवं अवकाश आवेदन मॉड्यूल की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने पोर्टल के प्रभावी उपयोग, प्रशासनिक प्रक्रियाओं में डिजिटल तकनीक की भूमिका, पारदर्शिता, समयबद्धता तथा कार्यकुशलता बढ़ाने से जुड़े महत्वपूर्ण पहलुओं पर भी विस्तार से चर्चा की।
क्षमता निर्माण प्रकोष्ठ के अध्यक्ष प्रो. सुजीत कुमार दुबे ने कहा कि प्रशिक्षण कार्यक्रमों में कर्मचारियों की उल्लेखनीय भागीदारी इस बात का प्रमाण है कि विश्वविद्यालय समुदाय डिजिटल प्रशासनिक व्यवस्था को अपनाने के प्रति गंभीर है। उन्होंने विश्वास जताया कि भविष्य में भी कर्मचारियों के ज्ञान, कौशल और व्यावसायिक दक्षता को बढ़ाने के लिए ऐसे उपयोगी प्रशिक्षण कार्यक्रम नियमित रूप से आयोजित किए जाएंगे।
कार्यक्रम के दौरान क्षमता निर्माण प्रकोष्ठ (गैर-शिक्षण) की सह-समन्वयक डॉ. शिखा मिश्रा ने प्रतिभागियों के साथ संवाद स्थापित कर उनकी प्रशिक्षण संबंधी आवश्यकताओं, सुझावों और अपेक्षाओं को जाना। उन्होंने कहा कि प्राप्त सुझावों के आधार पर भविष्य के प्रशिक्षण कार्यक्रमों को और अधिक प्रभावी एवं उपयोगी बनाया जाएगा।
प्रतिभागियों ने प्रशिक्षण को अत्यंत व्यावहारिक, ज्ञानवर्धक और उपयोगी बताते हुए कहा कि हाथों-हाथ प्रशिक्षण से समर्थ पोर्टल पर कार्य करने में उनकी दक्षता और आत्मविश्वास में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। इससे विश्वविद्यालय की डिजिटल प्रशासनिक व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाने में सहायता मिलेगी।
कार्यक्रम के समापन पर क्षमता निर्माण प्रकोष्ठ ने विश्वविद्यालय के शिक्षण एवं गैर-शिक्षण कर्मचारियों के क्षमता संवर्धन, डिजिटल दक्षता और व्यावसायिक विकास के लिए भविष्य में भी इस प्रकार के प्रशिक्षण कार्यक्रम नियमित रूप से आयोजित करने की प्रतिबद्धता दोहराई।












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