निर्जला एकादशी पर निकलेगी भव्य कलश यात्रा, श्री काशी विश्वनाथ मंदिर तक पहुंचकर होगा सामूहिक जलाभिषेक | AARCC LIVE NEWS VARANASI
रिपोर्ट:-आलोक चतुर्वेदी/सचिन देव
वाराणसी। निर्जला एकादशी के पावन अवसर पर भगवान शिव के सामूहिक जलाभिषेक एवं सनातन संस्कृति की एकता के संदेश को जन-जन तक पहुंचाने के उद्देश्य से 25 जून 2026 को भव्य कलश यात्रा निकाली जाएगी। ‘सुप्रभातम्’ एवं काशी मोक्षदायिनी सेवा समिति (हरिश्चंद्र घाट) के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित होने वाली यह वार्षिक यात्रा राजेन्द्र प्रसाद घाट से प्रारंभ होकर गोदौलिया, बांसफाटक होते हुए ज्ञानवापी स्थित श्री काशी विश्वनाथ मंदिर पहुंचेगी, जहां श्रद्धालु भगवान विश्वेश्वर का जलाभिषेक एवं दुग्धाभिषेक करेंगे।
आयोजकों के अनुसार समुद्र मंथन से निकले विष को लोककल्याण के लिए ग्रहण करने वाले भगवान शिव को शीतलता प्रदान करने की परंपरा के तहत निर्जला एकादशी पर जलाभिषेक का विशेष महत्व है। इसी भावना से काशी में वर्षों से यह विशाल कलश यात्रा आयोजित की जा रही है। गंगा तट पर बसी भगवान शंकर की प्रिय नगरी काशी में होने वाला यह आयोजन देशभर के शिवभक्तों के लिए आस्था का प्रमुख केंद्र बन चुका है।
कार्यक्रम संयोजक निधिदेव अग्रवाल ने बताया कि प्रातः 6:30 बजे मुख्य यजमान श्री मयंक माहेश्वरी एवं श्रीमती तनुश्री माहेश्वरी के हाथों कलश तथा मां गंगा का पूजन कराया जाएगा। इसके पश्चात प्रातः 7 बजे कलश यात्रा का शुभारंभ होगा। यात्रा में शंखध्वनि, पीएसी बैंड, नंदी पर विराजमान शिव-पार्वती की आकर्षक झांकी तथा भजन मंडली शामिल रहेगी, जिससे पूरे मार्ग पर भक्तिमय वातावरण बनेगा।
विशेष आकर्षण के रूप में 11 रजत कलशों में देश की प्रमुख पवित्र नदियों एवं तीर्थस्थलों—सिंधु नदी, व्यास, झेलम, मानसरोवर, प्रयागराज कुंभ, गंगा तथा त्रिवेणी संगम सहित अन्य पवित्र जलों को लेकर श्रद्धालु यात्रा में शामिल होंगे। परमाचार्य जी के रथ के साथ श्री कांची कामकोटि मठ के श्री सुब्रमण्यम (मणि जी) भी यात्रा की शोभा बढ़ाएंगे।
यात्रा मार्ग पर विभिन्न धार्मिक एवं सामाजिक संस्थाओं द्वारा श्रद्धालुओं के स्वागत की व्यापक व्यवस्था की गई है। जगह-जगह पेयजल वितरण, पुष्पवर्षा एवं जल छिड़काव किया जाएगा। मारवाड़ी समाज द्वारा पुष्पवर्षा की जाएगी, जबकि बाल सुरक्षा परिषद द्वारा बांसफाटक क्षेत्र में कलश धारकों का जल से पद-प्रक्षालन किया जाएगा। श्री सेठ किशोरी लाल जालान सेवा ट्रस्ट पेयजल वितरण करेगा तथा श्री श्याम मंडल वाराणसी द्वारा मार्ग में भजन-कीर्तन की व्यवस्था की जाएगी।
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आयोजन समिति ने बताया कि मंदिर प्रशासन के निर्देशों के अनुसार सभी कलश धारकों को समिति द्वारा जारी पास के साथ निर्धारित लाइन में चलकर जलाभिषेक करना होगा। मोबाइल फोन, खैनी, गुटखा, इलेक्ट्रॉनिक उपकरण एवं ज्वलनशील पदार्थ मंदिर परिसर में प्रतिबंधित रहेंगे।इस वर्ष यात्रा में शहर दक्षिणी के विधायक नीलकंठ तिवारी, वाराणसी विकास प्राधिकरण के मानद सदस्य अम्बरीश सिंह ‘भोला’ सहित अनेक गणमान्य व्यक्ति शामिल होंगे। वहीं मारवाड़ी युवा फाउंडेशन ‘अद्वितीय’, मारवाड़ी युवा मंच वाराणसी तथा काशी मोक्षदायिनी सेवा समिति के युवा कार्यकर्ता कलश वितरण एवं यात्रा संचालन में सहयोग करेंगे। गोदौलिया क्षेत्र में श्रद्धालुओं के लिए शरबत वितरण एवं स्वागत की भी व्यवस्था रहेगी।
आयोजकों ने बताया कि वर्ष 1999 में शंकराचार्य की प्रेरणा से प्रारंभ हुई इस कलश यात्रा का उद्देश्य देश के द्वादश ज्योतिर्लिंगों को सांस्कृतिक रूप से जोड़ना, पारस्परिक संवाद को बढ़ावा देना तथा राष्ट्रीय एकता को सुदृढ़ करना है। यात्रा के सूत्रधार रहे स्वर्गीय राजकिशोर गुप्ता ‘वास्ते-राजबन्धु’ की स्मृति में इस वर्ष भी उनकी तस्वीर को शोभायात्रा में शामिल कर श्रद्धांजलि अर्पित की जाएगी। वर्षों से निरंतर आयोजित हो रही यह कलश यात्रा अब काशी की प्रमुख धार्मिक परंपराओं में शामिल हो चुकी है और प्रत्येक वर्ष हजारों श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र बनती जा रही है।










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