दवा विक्रेता समिति ने कारण बताओ नोटिसों पर जताई चिंता, न्यायोचित कार्रवाई की मांग | AARCC LIVE NEWS VARANASI
कारण बताओ नोटिसों पर दवा विक्रेता समिति ने उठाई आवाज, न्यायोचित कार्रवाई की मांग
वाराणसी, 8 जून। दवा विक्रेता समिति, वाराणसी ने औषधि अनुज्ञापन प्राधिकारी (विक्रय), वाराणसी मंडल को एक प्रतिनिधित्व पत्र सौंपकर औषधि विक्रय प्रतिष्ठानों को जारी किए गए कारण बताओ नोटिसों पर न्यायोचित एवं सहानुभूतिपूर्ण विचार किए जाने की मांग की है।
समिति के महामंत्री संजय सिंह द्वारा प्रेषित पत्र में कहा गया है कि हाल ही में खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग द्वारा चलाए गए विशेष सत्यापन अभियान के दौरान कुछ औषधि विक्रय प्रतिष्ठानों को किरायानामा, क्षेत्रफल, विक्रय अभिलेख एवं अन्य अभिलेखीय कमियों के आधार पर कारण बताओ नोटिस जारी किए गए हैं।
समिति ने अपने पत्र में उल्लेख किया है कि उक्त विशेष अभियान का मुख्य उद्देश्य कोडीन युक्त औषधियों के दुरुपयोग की रोकथाम तथा फर्जी, अस्तित्वहीन एवं गैर-संचालित औषधि प्रतिष्ठानों की पहचान एवं सत्यापन करना था। निरीक्षण के दौरान जिन प्रतिष्ठानों को नोटिस जारी किए गए हैं, वे सभी अपने लाइसेंस प्राप्त पते पर वर्षों से वास्तविक रूप से संचालित पाए गए हैं। ऐसे में यह स्पष्ट है कि संबंधित प्रतिष्ठान न तो फर्जी हैं, न अस्तित्वहीन हैं और न ही गैर-संचालित।
दवा विक्रेता समिति ने यह भी कहा है कि निरीक्षण रिपोर्ट में कहीं भी नकली, जाली, प्रतिबंधित, एक्सपायर्ड अथवा बिना स्रोत की औषधियों के पाए जाने का उल्लेख नहीं है। साथ ही जनस्वास्थ्य को प्रभावित करने वाली किसी गंभीर अनियमितता का भी उल्लेख नहीं किया गया है। समिति के अनुसार निरीक्षण में दर्शाई गई अधिकांश कमियां अभिलेखीय एवं तकनीकी प्रकृति की हैं, जिन्हें आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत कर आसानी से दूर किया जा सकता है।
पत्र में यह भी कहा गया है कि जिन प्रतिष्ठानों पर क्षेत्रफल अथवा किरायानामा संबंधी आपत्तियां उठाई गई हैं, वे वर्षों से विभाग द्वारा जारी वैध लाइसेंस के अंतर्गत संचालित हैं तथा समय-समय पर उनके लाइसेंसों का नवीनीकरण भी किया जाता रहा है। ऐसे में कई वर्षों बाद उठाई गई तकनीकी आपत्तियों पर कठोर कार्रवाई किया जाना न्यायोचित नहीं माना जा सकता।
समिति ने विभाग से अनुरोध किया है कि संबंधित प्रतिष्ठानों को आवश्यक अभिलेख प्रस्तुत करने तथा कमियों के निराकरण के लिए पर्याप्त अवसर प्रदान किया जाए और अनुज्ञप्ति निलंबन अथवा निरस्तीकरण जैसी कठोर कार्रवाई से बचा जाए।
महामंत्री संजय सिंह ने कहा कि दवा विक्रेता समिति सदैव फर्जी, अवैध एवं गैर-संचालित प्रतिष्ठानों के विरुद्ध विभागीय अभियानों का समर्थन करती रही है तथा आगे भी पूरा सहयोग देती रहेगी। समिति का उद्देश्य केवल वास्तविक एवं वैध रूप से संचालित दवा प्रतिष्ठानों को अनावश्यक प्रशासनिक कठिनाइयों से बचाना है।
प्रतिनिधित्व पत्र की प्रतिलिपि आयुक्त, खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन उत्तर प्रदेश, सहायक आयुक्त (औषधि) वाराणसी मंडल, तथा ऑर्गेनाइजेशन ऑफ केमिस्ट एंड ड्रगिस्ट एसोसिएशन उत्तर प्रदेश के पदाधिकारियों को भी भेजी गई है।



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