वाराणसी के शतचण्डी महायज्ञ में उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़, पंचतत्वों की शुद्धि पर विशेष प्रवचन | AARCC LIVE NEWS VARANASI
पांच तत्वों की शुद्धि पर ध्यान देना नितांत आवश्यक : श्री श्री योगी रामानंद दास
चौबेपुर, वाराणसी। क्षेत्र के धौरहरा हरिहरपुर गांव में आयोजित विशाल श्री शतचण्डी महायज्ञ के प्रथम दिवस पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी। इस अवसर पर भक्तों को संबोधित करते हुए श्री श्री योगी रामानंद दास जी महाराज ने कहा कि यज्ञ भारतीय संस्कृति की प्राचीन और सनातन परंपरा है, जिसका प्रभाव अनादिकाल से विश्व के मानस पटल पर रहा है।
उन्होंने कहा कि यज्ञ केवल परमेश्वर की उपासना का माध्यम नहीं है, बल्कि यह मानव जीवन को सही दिशा देने और प्रकृति के साथ संतुलित जीवन जीने की प्रेरणा भी प्रदान करता है। वैदिक ऋषियों ने पंचतत्वों—पृथ्वी, जल, अग्नि, वायु और आकाश—की शुद्धि के लिए यज्ञ को अनिवार्य बताया है। जब तक इन पांच तत्वों की शुद्धि नहीं होगी, तब तक मानव जीवन की सार्थकता अधूरी रहेगी।
श्री योगी ने कहा कि वर्तमान समय में विश्व स्तर पर पर्यावरणीय असंतुलन और विभिन्न प्राकृतिक संकटों का मुख्य कारण पंचतत्वों का बिगड़ता संतुलन है। पृथ्वी, जल, वायु और वातावरण को सुरक्षित रखने के लिए यज्ञ, ध्यान, योग और सद्विचारों को अपनाना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि केवल बाहरी शुद्धि ही नहीं, बल्कि विचारों की शुद्धि भी उतनी ही जरूरी है, क्योंकि शुद्ध विचार ही मानव और समाज के कल्याण का आधार हैं।उन्होंने उपस्थित श्रद्धालुओं से प्रकृति संरक्षण, पर्यावरण संतुलन और मानवीय मूल्यों के संरक्षण का संकल्प लेने का आह्वान किया। कार्यक्रम के दौरान वैदिक मंत्रोच्चार और धार्मिक अनुष्ठानों से पूरा क्षेत्र भक्तिमय वातावरण में सराबोर रहा।
इस अवसर पर वरिष्ठ पत्रकार अरविंद सिंह, सुशील सिंह, संजय सिंह, ओंकार सिंह, बेटे सिंह, बालकिशन यादव, राजेश यादव, रोहित रघुवंशी, राजेश रघुवंशी, हरिहर सिंह, श्यामजी पांडेय, संतोष यादव, मंगल यादव, प्रह्लाद सिंह, राम अवतार सिंह सहित हजारों की संख्या में श्रद्धालु एवं भक्तगण उपस्थित रहे।









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