वाराणसी में बुधवार से शुरू होगा मोहर्रम, इमामबाड़ों में सजावट पूरी, 19 जून से निकलेंगे जुलूस AARCC LIVE NEWS VARANASI
बुधवार से शुरू होगा मोहर्रम, इमामबाड़ों में सजावट पूरी, मजलिसों का होगा आगाज
रिपोर्ट/आलोक चतुर्वेदी
वाराणसी, 17 जून। इस्लामिक कैलेंडर 1448 हिजरी के पहले दिन के साथ बुधवार से मोहर्रम का पवित्र महीना शुरू हो रहा है। चांद दिखाई देने के बाद वाराणसी के विभिन्न इमामबाड़ों में सजावट का कार्य पूरा कर लिया गया है और हजरत इमाम हुसैन की याद में मजलिसों एवं मातमी कार्यक्रमों का सिलसिला शुरू हो जाएगा।
समाजसेवी शकील अहमद जादूगर ने बताया कि मोहर्रम का महीना शहादत, त्याग, इंसानियत और सत्य के लिए संघर्ष का संदेश देता है। उन्होंने कहा कि चांद की तीसरी तारीख यानी 19 जून से शहर के विभिन्न क्षेत्रों में जुलूसों का सिलसिला भी शुरू हो जाएगा। मोहर्रम का चांद नजर आते ही अकीदतमंद परंपरा के अनुसार काला लिबास धारण करते हैं, जिसे दो माह आठ दिन तक पहना जाता है।
(यहाँ वीडियो देखे)उन्होंने बताया कि वाराणसी में पांच और आठ मोहर्रम को भारत रत्न उस्ताद बिस्मिल्लाह खान के परिवार द्वारा वर्षों पुरानी परंपरा का निर्वहन करते हुए शहनाई पर मातमी धुन प्रस्तुत की जाती है। यह परंपरा शहर की गंगा-जमुनी तहजीब और सांप्रदायिक सौहार्द की अनूठी मिसाल मानी जाती है।
शकील अहमद ने बताया कि शहर के विभिन्न इमामबाड़ों में हजरत इमाम हुसैन का ताबूत, हजरत अली असगर का झूला, जनाबे सकीना का कुर्ता सहित कर्बला के शहीदों से जुड़ी अनेक धार्मिक निशानियां अकीदतमंदों के दर्शन के लिए रखी जाती हैं। मोहर्रम के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु इन स्थलों पर पहुंचकर श्रद्धांजलि अर्पित करते हैं।उन्होंने प्रशासन से मोहर्रम के मद्देनजर आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने की अपील भी की। उन्होंने जिला अधिकारी सत्येंद्र कुमार, पुलिस आयुक्त मोहित अग्रवाल तथा नगर आयुक्त हिमांशु नागपाल से अनुरोध किया कि जुलूस मार्गों, विशेषकर दालमंडी क्षेत्र में सीवर और सड़कों से संबंधित समस्याओं का शीघ्र समाधान कराया जाए। साथ ही सभी प्रमुख जुलूस मार्गों का निरीक्षण कर साफ-सफाई और मरम्मत की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए, ताकि अकीदतमंदों को किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े।मोहर्रम के आगमन के साथ ही वाराणसी में धार्मिक आस्था, शोक और परंपरा का माहौल बन गया है। शहर के विभिन्न इमामबाड़ों में मजलिसों और अन्य धार्मिक आयोजनों की तैयारियां अंतिम चरण में हैं तथा अकीदतमंद मोहर्रम की रस्मों में शामिल होने के लिए उत्साहित हैं।








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