सीधे मुख्य सामग्री पर जाएं

AARCC LIVE NEWS VARANASI || AI आधारित स्मार्ट हेल्थकेयर मॉडल पर राष्ट्रीय सम्मेलन का सफल समापन

रिपोर्ट:-आलोक चतुर्वेदी 

वाराणसी, 16 फरवरी। कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI), डिजिटल स्वास्थ्य एवं टेलीमेडिसिन विषय पर आयोजित राष्ट्रीय सम्मेलन का प्रभावशाली समापन हुआ। सम्मेलन में भारत को AI-सक्षम, समावेशी और नैतिक स्मार्ट हेल्थकेयर मॉडल के रूप में विकसित करने की रूपरेखा प्रस्तुत की गई।

यह सम्मेलन सीजनल रिसोर्स सेंटर (ईस्टर्न रीजन), टेलीमेडिसिन, इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज (आईएमएस), काशी हिंदू विश्वविद्यालय द्वारा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय, भारत सरकार के निर्देशन में आयोजित किया गया।

समापन सत्र को संबोधित करते हुए निदेशक, आईएमएस-बीएचयू एवं आयोजन अध्यक्ष प्रो. एस.एन. संखवार ने कहा कि अब समय आ गया है कि AI और डिजिटल तकनीकों के माध्यम से स्वास्थ्य सेवाओं को अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाया जाए। सम्मेलन का मूल मंत्र “Smart Healthcare with Last-Mile Patient Reach through Telemedicine” रहा।

माननीय कुलपति प्रो. अजीत कुमार चतुर्वेदी के मार्गदर्शन में रीजनल रिसोर्स सेंटर (ईस्टर्न रीजन) को पूर्वी भारत के दूरस्थ और वंचित क्षेत्रों में AI आधारित स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार की विशेष जिम्मेदारी सौंपी गई है।

सम्मेलन में AI आधारित डायग्नोस्टिक्स, स्मार्ट क्लिनिकल डिसीजन सपोर्ट सिस्टम, मेडिकल एजुकेशन एवं रिसर्च में AI के उपयोग, टेलीमेडिसिन व ई-संजीवनी के विस्तार तथा डेटा सुरक्षा व हेल्थ गवर्नेंस जैसे विषयों पर व्यापक चर्चा कर कार्ययोजना तैयार की गई।

AI in Healthcare: व्यापक रोडमैप तैयार

सम्मेलन के दौरान चिकित्सा एवं प्रौद्योगिकी के संगम से जुड़े विविध विषयों पर विस्तृत चर्चा कर एक क्रियान्वयन-आधारित रोडमैप तैयार किया गया। प्रमुख बिंदु इस प्रकार रहे—

AI आधारित डायग्नोस्टिक्स एवं रेडियोलॉजी

स्मार्ट क्लिनिकल डिसीजन सपोर्ट सिस्टम

AI in मेडिकल एजुकेशन एवं रिसर्च

टेलीमेडिसिन और ई-संजीवनी का विस्तार

एथिकल AI, डेटा सुरक्षा एवं हेल्थ गवर्नेंस

डीन, फैकल्टी ऑफ मॉडर्न मेडिसिन प्रो. संजय गुप्ता ने इसे भारतीय स्वास्थ्य प्रणाली के लिए महत्वपूर्ण पहल बताया। वैज्ञानिक अध्यक्ष डॉ. अमित नंदन द्विवेदी एवं वैज्ञानिक सचिव डॉ. विक्रम गुप्ता ने बताया कि अब AI in Healthcare के क्रियान्वयन चरण की शुरुआत की जाएगी।

सम्मेलन का समापन “सर्वे सन्तु निरामयाः” के संकल्प के साथ हुआ



टिप्पणियाँ

इस ब्लॉग से लोकप्रिय पोस्ट

मातृ दिवस समारोह में माताओं का हुआ सम्मान, बच्चों ने आरती उतारकर व्यक्त किया प्रेम और सम्मान | Aarcc Live News Varanasi

आर्क लाइव:-आलोक चतुर्वेदी/सचिनदेव   वाराणसी। श्री हरि धर्म विज्ञान सेवा संस्थान में संस्थापिका स्वर्गीय आशा देवी पाठक की स्मृति में मातृ दिवस समारोह का आयोजन बड़े ही उत्साह एवं श्रद्धा के साथ किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ प्रबंधक पंडित शिवानंद पाठक एवं प्रधानाचार्य विनोद कुमार वर्मा द्वारा दीप प्रज्वलन तथा मां सरस्वती की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर किया गया। इस अवसर पर सह निदेशक आशुतोष पाठक एवं सौरभ पाठक ने अपनी माताजी की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित की। इसके पश्चात विद्यालय के बच्चों ने अपनी माताओं की आरती कर उनका सम्मान किया। कार्यक्रम में विद्यालय के शिक्षक-शिक्षिकाओं ने मातृ दिवस के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि मां ममता, त्याग और निःस्वार्थ सेवा की प्रतिमूर्ति होती है तथा जीवन में संस्कारों का पहला पाठ मां ही सिखाती है। प्रधानाचार्य विनोद कुमार वर्मा ने बच्चों को संबोधित करते हुए कहा कि मां प्रेम, शांति और त्याग की साक्षात मूरत होती है। सह निदेशक आशुतोष पाठक एवं सौरभ पाठक ने सभी माताओं को मातृ दिवस की शुभकामनाएं देते हुए उन्हें प्रमाण पत्र एवं उपहार भेंट कर सम्मानित किय...

युवा पीढ़ी के लिए मिसाल बने सनबीम स्कूल के टॉपर गोपाल कृष्णन | AARCC LIVE NEWS VARANASI

  96.8% अंक हासिल कर बढ़ाया विद्यालय और परिवार का गौरव, सफलता का श्रेय दिया माँ, भगवद्गीता और हनुमान चालीसा को  रिपोर्ट/आलोक चतुर्वेदी/सचिन देव Sunbeam School Bhagwanpur के मेधावी छात्र Gopal Krishnan ने सीबीएसई 12वीं (विज्ञान-पीसीबी) परीक्षा में 96.8% अंक प्राप्त कर विद्यालय, परिवार और समाज का नाम रोशन किया है। अपनी सफलता से उन्होंने यह साबित कर दिया कि अनुशासन, नियमित अध्ययन और सकारात्मक सोच के बल पर हर लक्ष्य हासिल किया जा सकता है। गोपाल कृष्णन की सफलता की कहानी केवल अच्छे अंकों तक सीमित नहीं है, बल्कि यह आज की युवा पीढ़ी के लिए प्रेरणा का संदेश भी देती है। उन्होंने अपनी सफलता का सबसे बड़ा श्रेय अपनी माताजी पूजा जी, नियमित संध्या वंदना, Bhagavad Gita और Hanuman Chalisa के पाठ को दिया। गोपाल का मानना है कि आध्यात्मिक गतिविधियाँ मानसिक एकाग्रता बढ़ाने और सकारात्मक ऊर्जा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।  बचपन से ही रहा शानदार शैक्षणिक रिकॉर्ड  गोपाल के पिता अखिलेश कुमार राय ओमान के स्वास्थ्य मंत्रालय में चीफ फार्मासिस्ट ऑफिसर के पद पर कार्यरत हैं। प्रारंभिक शिक...

पुरुषोत्तम मास में श्रीमद्भागवत कथा के तृतीय दिवस में गूँजा वैराग्य, साधना और ईश्वरीय विश्वास का संदेश | AARCC LIVE NEWS VARANASI

 रिपोर्ट/आलोक चतुर्वेदी वाराणसी, 23 मई 2026। सामाजिक सेवा के लिए समर्पित संस्था संस्कृति सेवा न्यास द्वारा पुरुषोत्तम मास के अंतर्गत आयोजित श्रीमद्भागवत महापुराण कथा ज्ञान-यज्ञ के तृतीय दिवस पर श्रद्धा, भक्ति और आध्यात्मिक चेतना का अनुपम संगम देखने को मिला। कथा व्यास डॉ. अनुरंजिका चतुर्वेदी ने अपने ओजस्वी प्रवचनों के माध्यम से जीवन के गूढ़ आध्यात्मिक रहस्यों का सरल एवं प्रभावशाली विवेचन किया। कथा के दौरान राजा परीक्षित द्वारा पूछे गए प्रश्न — “मरणासन्न व्यक्ति को क्या करना चाहिए?” — का उत्तर देते हुए डॉ. चतुर्वेदी ने कहा कि प्रत्येक मनुष्य को राग-द्वेष से मुक्त होकर महर्षि पतंजलि के सूत्र “योगश्चित्तवृत्ति निरोधः” का अनुसरण करना चाहिए। उन्होंने बताया कि आसन, ध्यान, धारणा, समाधि, यम, नियम एवं प्रत्याहार जैसे योग के अंगों को जीवन में अपनाकर व्यक्ति संयमित और संतुलित जीवन जी सकता है। इच्छाओं पर नियंत्रण रखते हुए अपकर्मों से दूर रहना और ईश्वर की आराधना में स्वयं को निरंतर संलग्न रखना ही मानव जीवन की सार्थकता है। कथा के दूसरे प्रसंग में उन्होंने सृष्टि की उत्पत्ति का वर्णन करते हुए कहा ...